टमाटर को हम रोज़ की रसोई में आम सब्जी की तरह इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अब इसे दुनिया का सबसे बेहतरीन फल माना गया है। यह दावा किसी घरेलू नुस्खे या सोशल मीडिया ट्रेंड का नहीं, बल्कि Centers for Disease Control and Prevention के न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की स्टडी का है। इस अध्ययन में दुनिया की 41 पोषक तत्वों से भरपूर फल और सब्जियों का विश्लेषण किया गया, जिसमें टमाटर की न्यूट्रिएंट डेंसिटी सबसे ज्यादा 20.37 पाई गई। यानी कम कैलोरी में ज्यादा पोषण देने के मामले में टमाटर सबसे आगे रहा।
वैज्ञानिक रूप से टमाटर फल है, क्योंकि यह फूल से विकसित होता है और इसके अंदर बीज होते हैं, हालांकि कुकिंग में इसे सब्जी की तरह इस्तेमाल किया जाता है। यही वजह है कि आम लोग इसे सब्जी मानते हैं। लेकिन पोषण के नजरिए से देखें तो टमाटर एक लो-कैलोरी, हाई-वॉटर कंटेंट फूड है, जो हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन सकता है। 100 ग्राम टमाटर में करीब 18 से 20 कैलोरी होती हैं, फैट न के बराबर होता है और फाइबर अच्छी मात्रा में मौजूद रहता है।
टमाटर की सबसे बड़ी ताकत इसमें पाया जाने वाला लाइकोपीन है, जो एक पावरफुल एंटीऑक्सिडेंट माना जाता है। यह शरीर में ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को कम करता है और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें विटामिन C, विटामिन A, विटामिन K और पोटेशियम जैसे जरूरी विटामिन और मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं। विटामिन C इम्यूनिटी को मजबूत करता है और आयरन के अवशोषण में मदद करता है, जबकि विटामिन A आंखों और त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टमाटर का नियमित सेवन पाचन को बेहतर बनाता है, कब्ज की समस्या कम करता है और शरीर में सूजन को घटाने में सहायक होता है। पोटेशियम की मौजूदगी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है, जिससे हार्ट पर दबाव कम पड़ता है। यही कारण है कि हार्ट पेशेंट्स के लिए भी टमाटर को फायदेमंद माना जाता है। वहीं डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह आमतौर पर सुरक्षित है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता।
प्रेग्नेंसी के दौरान भी टमाटर फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद फोलेट भ्रूण के ब्रेन और स्पाइन के विकास में मदद करता है और हाई-वॉटर कंटेंट शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। हालांकि, ज्यादा मात्रा में या खाली पेट टमाटर खाने से कुछ लोगों में एसिडिटी हो सकती है, इसलिए संतुलन जरूरी है।
कच्चा और पका हुआ, दोनों तरह का टमाटर अपने-अपने तरीके से फायदेमंद है। कच्चे टमाटर में विटामिन C ज्यादा मिलता है, जबकि पकाने पर लाइकोपीन ज्यादा एक्टिव हो जाता है, जो हार्ट हेल्थ और कुछ प्रकार के कैंसर के खतरे को कम करने में मददगार माना जाता है। इसलिए डाइट में कभी सलाद के रूप में और कभी सब्जी, सूप या सॉस के तौर पर टमाटर शामिल करना बेहतर रहता है।
हालांकि टमाटर हर किसी के लिए समान रूप से फायदेमंद नहीं होता। जिन लोगों को गंभीर एसिडिटी, गैस्ट्रो-ईसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज, पेट में जलन या अल्सर की समस्या रहती है, उन्हें कच्चा टमाटर नुकसान पहुंचा सकता है। किडनी स्टोन की समस्या में भी इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए, क्योंकि इसमें ऑक्सेलेट्स होते हैं। ऐसे लोगों के लिए टमाटर को पकाकर, कम मात्रा में और भोजन के साथ खाना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
कुल मिलाकर, टमाटर सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाली सब्जी नहीं, बल्कि पोषण से भरपूर सुपरफूड है। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन किया जाए, तो यह दिल, पाचन, इम्यूनिटी, त्वचा और वजन—हर मोर्चे पर शरीर का साथ निभा सकता है।