साल 2025 के आखिरी दिनों में भारतीय सर्राफा बाजार में हलचल का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे सोने के दाम अब थोड़े ठहरते नजर आ रहे हैं। निवेशकों और आम खरीदारों के बीच जिस तेजी की चर्चा थी, उस पर फिलहाल ब्रेक लगता दिख रहा है। All India Sarafa Association के मुताबिक 24 कैरेट सोना अपने ऑल-टाइम हाई 1,42,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर करीब 1,41,800 रुपये के स्तर पर आ गया है। गिरावट भले ही बहुत बड़ी न हो, लेकिन यह साफ इशारा करती है कि ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली शुरू हो चुकी है और बाजार अब संतुलन की ओर बढ़ रहा है।
घरेलू कीमतों में आई इस नरमी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर साफ दिखाई देता है। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोने की कीमतों में लगभग 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है और सोना 4,462 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। भारतीय बाजार सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय रुझानों से जुड़ा होने के कारण वहां की कमजोरी का असर यहां भी देखने को मिल रहा है। इसके साथ ही डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें और विदेशी निवेशकों की रणनीति भी सोने की चाल को प्रभावित कर रही है।
India Bullion and Jewellers Association के ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव अभी भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। दिल्ली में 24 कैरेट सोना करीब 1.39 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना लगभग 1.27 लाख रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी दाम लगभग इसी रेंज में हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि देशभर में सर्राफा बाजार का ट्रेंड फिलहाल एक जैसा बना हुआ है।
चांदी की बात करें तो इसमें हाल के दिनों में सोने से भी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुछ समय पहले दिल्ली में चांदी 2,40,000 रुपये प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी, जिसने बाजार को चौंका दिया था। अब इसमें नरमी आई है और दाम करीब 2,35,000 रुपये प्रति किलो तक फिसल गए हैं। इसके बावजूद कई शहरों में रिटेल स्तर पर चांदी अब भी बेहद महंगी बनी हुई है, जो मजबूत मांग और बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों की ओर इशारा करती है।
कुल मिलाकर तस्वीर यही बनती है कि सोना और चांदी दोनों अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तरों के आसपास टिके हुए हैं, लेकिन हालिया गिरावट यह साफ बताती है कि बाजार अब नई दिशा तलाश रहा है। निवेशकों और खरीदारों के लिए यह समय सोच-समझकर कदम उठाने का है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।