छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे को मज़बूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य के चार प्रमुख सड़क खंडों के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और उन्नयन के लिए 664 करोड़ 67 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। सीआरआईएफ के तहत मिली इस राशि से पांच जिलों में करीब 174 किलोमीटर सड़कों का कायाकल्प किया जाएगा, जिससे आवागमन आसान होने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी रफ्तार मिलेगी।
मंत्रालय ने स्वीकृति आदेश राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग के सचिव को भेज दिया है। इस फैसले पर विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री व लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।
स्वीकृत परियोजनाओं के तहत मुंगेली जिले के कोटा–लोरमी–पंडरिया मार्ग के 21 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन में तब्दील करने और उसे मज़बूत करने के लिए 156 करोड़ 33 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। कांकेर जिले में कांकेर–भानुप्रतापपुर–संबलपुर मार्ग की 48.4 किलोमीटर लंबाई में टू-लेन सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 130 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।
दक्षिण बस्तर क्षेत्र के लिए भी यह फैसला अहम माना जा रहा है। सुकमा से दंतेवाड़ा मार्ग के 68 किलोमीटर हिस्से को टू-लेन सड़क में अपग्रेड करने और मज़बूत बनाने के लिए 230 करोड़ 85 लाख रुपये मंजूर हुए हैं। वहीं गरियाबंद जिले में राजिम–फिंगेश्वर–महासमुंद मार्ग की 35.5 किलोमीटर लंबाई में सड़क के उन्नयन के लिए 146 करोड़ 86 लाख रुपये दिए गए हैं। इन परियोजनाओं से राज्यीय राजमार्गों और मुख्य जिला मार्गों की हालत बेहतर होगी और दूर-दराज़ इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत बनेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण स्वीकृति मिली है। उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से न सिर्फ सुरक्षित और सुगम परिवहन सुनिश्चित होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी भरोसा दिलाया कि लोक निर्माण विभाग सभी स्वीकृत कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में सड़कों के लिए 8092 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृतियां दी जा चुकी हैं।
कुल मिलाकर, केंद्र की इस मंजूरी से छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को नई ऊर्जा मिलेगी और राज्य के कई जिलों में आवागमन, व्यापार और सामाजिक गतिविधियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।