अगर नाश्ते में कुछ हल्का, हेल्दी और झटपट बनने वाला चाहिए, तो सूजी ढोकला सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक है। गुजरात की यह लोकप्रिय रेसिपी अब हर घर की पसंद बन चुकी है, क्योंकि यह न सिर्फ स्वादिष्ट होती है बल्कि पचने में भी आसान रहती है। सही तरीके से तैयार किया गया सूजी ढोकला सॉफ्ट, स्पंजी और इतना हल्का होता है कि खाने वाला खुद ही दोबारा मांग बैठता है।
सूजी ढोकला की खासियत यही है कि इसे ज्यादा सामग्री या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं होती। बस बैटर का सही कंसिस्टेंसी में होना और स्टीमिंग का टाइम ठीक बैठ जाए, तो ढोकला बिल्कुल बाजार जैसा बनता है। सूजी और दही का मेल इसे नरम बनाता है, जबकि इनो डालने से इसमें खूबसूरत स्पंजी टेक्सचर आ जाता है।
ढोकला बनाने के लिए सबसे पहले सूजी और दही को एक बड़े बाउल में अच्छी तरह मिलाया जाता है। जरूरत के मुताबिक थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा लेकिन स्मूद बैटर तैयार किया जाता है। इसमें नमक और अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट मिलाने के बाद बैटर को 15–20 मिनट के लिए ढककर रख दिया जाता है, ताकि सूजी अच्छे से फूल जाए। यही स्टेप ढोकला को नरम बनाने में सबसे अहम होता है।
इसके बाद बैटर में इनो डालकर हल्के हाथ से एक ही दिशा में मिलाया जाता है और तुरंत ग्रीस की हुई प्लेट या केक टिन में डाल दिया जाता है। पहले से गर्म स्टीमर में मध्यम आंच पर करीब 15–20 मिनट तक स्टीम करने पर ढोकला अच्छे से फूल जाता है। चाकू डालकर चेक करने पर अगर वह साफ बाहर आए, तो समझिए ढोकला बिल्कुल तैयार है।
अब बात तड़के की, जो ढोकला के स्वाद को अगले लेवल पर ले जाता है। तेल में राई चटकाकर उसमें हरी मिर्च और करी पत्ता डाला जाता है। फिर थोड़ा पानी और चीनी मिलाकर हल्का उबाल दिया जाता है। यह मीठा-सा तड़का तैयार ढोकला पर डालते ही वह और ज्यादा सॉफ्ट और रसदार हो जाता है।
अंत में ढोकला को मनचाहे टुकड़ों में काटकर ऊपर से हरा धनिया और कसा हुआ नारियल डालें। इसे हरी या मीठी चटनी के साथ परोसें। यकीन मानिए, यह सूजी ढोकला इतना हल्का और स्पंजी बनेगा कि प्लेट खाली होने से पहले ही तारीफें शुरू हो जाएंगी।