भारतीय क्रिकेट के मिडिल ऑर्डर की अहम कड़ी श्रेयस अय्यर की मैदान पर वापसी अब ज्यादा दूर नहीं मानी जा रही है। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान स्प्लीन में लगी गंभीर चोट से उबर रहे अय्यर को बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से सशर्त मंजूरी मिल चुकी है। तय प्रोटोकॉल के तहत उन्होंने रिहैब के अंतिम चरण में करीब दस दिन बिताए और 2 जनवरी को एक प्रैक्टिस मैच खेलकर अपनी फिटनेस को परखा। इस मैच में उन्होंने बिना किसी दर्द या असहजता के बल्लेबाज़ी की और मैच से पहले व बाद की सभी फिटनेस ड्रिल्स भी सफलतापूर्वक पूरी कीं, जिससे मेडिकल टीम पूरी तरह संतुष्ट दिखी।
इसी के आधार पर अय्यर को चल रही विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की ओर से खेलने की हरी झंडी दे दी गई है। माना जा रहा है कि 6 जनवरी को जयपुर में होने वाले छठे राउंड के मुकाबले में वह मैदान पर उतर सकते हैं, जहां मुंबई का सामना हिमाचल प्रदेश से होगा। खास बात यह है कि इस मैच के दौरान राष्ट्रीय चयनकर्ता भी मौजूद रहेंगे, जिससे अय्यर की वापसी सीधे चयन प्रक्रिया से भी जुड़ जाती है।
दूसरी ओर न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज़ के लिए भारतीय टीम का चयन भी नज़दीक है। फिटनेस के लिहाज से अय्यर चयन के योग्य माने जा रहे हैं, लेकिन संकेत यही हैं कि चयनकर्ता उन्हें सीधे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उतारने से पहले घरेलू सफेद गेंद के मुकाबलों में थोड़ा और परखना चाहते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ में ऋतुराज गायकवाड़ ने नंबर-4 पर शतक जड़कर मजबूत दावा पेश किया था, वहीं विजय हजारे ट्रॉफी में देवदत्त पडिक्कल ने लगातार चार शतक लगाकर मिडिल ऑर्डर की रेस को और दिलचस्प बना दिया है।
श्रेयस अय्यर को यह चोट 25 अक्टूबर को सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे के दौरान लगी थी, जब एलेक्स केरी का कैच लेते समय वह पीछे की ओर दौड़ते हुए पेट के बल गिर पड़े थे। जांच में स्प्लीन लैकरेशन और अंदरूनी ब्लीडिंग की पुष्टि हुई थी। समय पर इलाज और सतर्क निगरानी के चलते उनकी रिकवरी तेजी से हुई और अब उनकी वापसी भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।