Venezuela Crisis: वेनेजुएला के बिगड़ते हालात पर भारत की सख्त नजर, शांति और संवाद पर दिया जोर

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वेनेजुएला में अचानक पैदा हुए राजनीतिक और सुरक्षा संकट ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। इस पूरे घटनाक्रम पर भारत ने भी आधिकारिक प्रतिक्रिया देते हुए साफ किया है कि नई दिल्ली हालात को बेहद गंभीरता से देख रही है। भारत सरकार का कहना है कि वेनेजुएला में जो कुछ भी हो रहा है, वह चिंताजनक है और स्थिति पर लगातार करीबी निगरानी रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।

हालिया घटनाक्रम में अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला की स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस सैन्य कार्रवाई में करीब 40 लोगों की मौत हो चुकी है और कई अन्य घायल हैं। हमले के बाद देश के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल है, सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और आम नागरिकों में डर व अनिश्चितता साफ झलक रही है। सड़कों पर तनाव है और हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

इस बीच वेनेजुएला की राजनीति में भी बड़ा मोड़ आया है। राष्ट्रपति Nicolás Maduro की हिरासत के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने अहम संवैधानिक फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति Delcy Rodríguez को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश दिया है। अदालत का कहना है कि यह कदम सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक निरंतरता और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि देश पूरी तरह अराजकता की ओर न जाए।

भारत ने इस पूरे घटनाक्रम पर संतुलित रुख अपनाते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। Ministry of External Affairs ने अपने बयान में कहा कि किसी भी संकट का समाधान हिंसा या बाहरी हस्तक्षेप से नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। भारत का मानना है कि टकराव बढ़ने से हालात और खराब हो सकते हैं और इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ेगा।

साथ ही भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि Indian Embassy Caracas पूरी तरह सतर्क है और स्थानीय भारतीय समुदाय के लगातार संपर्क में है। जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया है कि प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर कोई भी जोखिम नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

वेनेजुएला संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेचैनी बढ़ती जा रही है। कई देशों और वैश्विक संगठनों ने हालात पर करीबी नजर रखने की बात कही है। वहीं अमेरिका की कार्रवाई को लेकर वैश्विक मंच पर समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्सी रोड्रिगेज को मिली अंतरिम जिम्मेदारी देश को अस्थायी स्थिरता दे सकती है, लेकिन राजनीतिक और सुरक्षा हालात पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।

कुल मिलाकर, आने वाले दिन यह तय करेंगे कि वेनेजुएला इस संकट से किस दिशा में बाहर निकलता है और वैश्विक शक्तियों की भूमिका आगे कितनी निर्णायक साबित होती है। भारत फिलहाल शांति, संवाद और नागरिकों की सुरक्षा को केंद्र में रखकर पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

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