राजस्थान के इतिहास में अगर किसी शहर का नाम सबसे पहले गर्व और बलिदान की भावना जगाता है, तो वह है Chittorgarh। यह सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि मेवाड़ की आन-बान-शान और आत्मसम्मान की जीवित कहानी है। यहां की हवा में वीरता की गूंज है और हर पत्थर राजपूती स्वाभिमान की दास्तान सुनाता है। इतिहास, वास्तुकला और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए चित्तौड़गढ़ किसी सपने से कम नहीं है।
चित्तौड़गढ़ का सबसे बड़ा गौरव है Chittorgarh Fort। यह किला न सिर्फ भारत के सबसे विशाल किलों में शामिल है, बल्कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा भी रखता है। लगभग 700 एकड़ में फैला यह दुर्ग कभी मेवाड़ की राजधानी रहा है। किले के भीतर मौजूद महल, मंदिर और स्तंभ उस दौर की शान और शक्ति को आज भी जीवंत रखते हैं।
इसी किले के भीतर स्थित Vijay Stambh चित्तौड़गढ़ की पहचान बन चुका है। महाराणा कुंभा द्वारा मालवा के सुल्तान पर विजय की स्मृति में बनवाया गया यह नौ मंजिला स्तंभ अपनी अद्भुत नक्काशी और ऊंचाई के लिए प्रसिद्ध है। इसके शिखर से किले और आसपास के क्षेत्र का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
इसके ठीक विपरीत आध्यात्मिक आस्था का प्रतीक है Kirti Stambh। 12वीं शताब्दी में निर्मित यह स्तंभ जैन धर्म से जुड़ा हुआ है और इसमें जैन तीर्थंकरों की सुंदर मूर्तियां और बारीक नक्काशी देखने को मिलती है। यह उस दौर की कला और धार्मिक चेतना का बेहतरीन उदाहरण है।
चित्तौड़गढ़ की सबसे चर्चित और रहस्यमयी जगहों में से एक है Rani Padmini Palace। रानी पद्मिनी की सुंदरता, सम्मान और जौहर की कथा से जुड़ा यह महल इतिहास में विशेष स्थान रखता है। महल के सामने स्थित जलाशय इसकी भव्यता को और बढ़ा देता है और यहां खड़े होकर अतीत की त्रासदी और गौरव दोनों का एहसास होता है।
प्राकृतिक शांति का अनुभव करना हो तो Gaumukh Kund जरूर देखना चाहिए। यह एक प्राकृतिक जलस्रोत है, जो वर्षभर जल से भरा रहता है। माना जाता है कि युद्ध के समय सैनिक इसी कुंड से पानी लेते थे। आज यह जगह अपनी शांति और सुकून के लिए जानी जाती है।
भक्ति और प्रेम का अद्भुत संगम देखने के लिए Meera Temple खास स्थान रखता है। भगवान कृष्ण की अनन्य भक्त मीरा बाई को समर्पित यह मंदिर सादगी और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरा हुआ है। यहां आकर न सिर्फ धार्मिक शांति मिलती है, बल्कि भक्ति आंदोलन की गहराई भी महसूस होती है।
चित्तौड़गढ़ उन चुनिंदा जगहों में शामिल है, जहां घूमना सिर्फ यात्रा नहीं बल्कि इतिहास को जीने जैसा अनुभव होता है। यहां के किले, स्तंभ और मंदिर मेवाड़ के गौरवशाली अतीत की कहानी आज भी पूरे गर्व के साथ सुनाते हैं। यही वजह है कि चित्तौड़गढ़ आज भी देश-विदेश के पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय बना हुआ है।