कड़ाके की ठंड में नहाना अक्सर लोगों के लिए जल्दी निपटाने वाला काम बन जाता है। इसी जल्दबाजी में कई लोग सीधे सिर पर ठंडा पानी डाल लेते हैं, यह सोचकर कि इससे झटपट नहा लिया जाएगा। लेकिन यही आदत सर्दियों में गंभीर खतरे का कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड के मौसम में अचानक सिर पर ठंडा पानी पड़ने से शरीर को तेज झटका लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बिगड़ सकता है और दिल व दिमाग पर सीधा असर पड़ता है। यही वजह है कि सर्दियों में ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिलती है।
दरअसल, जब ठंडा पानी अचानक सिर पर गिरता है तो शरीर की रक्त नलिकाएं तुरंत सिकुड़ जाती हैं। इससे दिमाग और दिल तक पहुंचने वाले रक्त प्रवाह में असंतुलन पैदा हो सकता है। जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय संबंधी परेशानी है, उनके लिए यह स्थिति और भी ज्यादा खतरनाक साबित होती है। कई मामलों में अचानक चक्कर आना, घबराहट, सीने में भारीपन या बेहोशी जैसी स्थिति भी बन सकती है, जो सीधे जानलेवा साबित हो सकती है।
सर्दियों में नहाने से पहले शरीर को तैयार करना बेहद जरूरी माना जाता है। सीधे सिर पर पानी डालने के बजाय सबसे पहले पैरों और हाथों पर हल्का गुनगुना पानी डालना चाहिए। इससे शरीर धीरे-धीरे पानी के तापमान के अनुकूल होता है और रक्त संचार सामान्य बना रहता है। जब शरीर संतुलन में आ जाए, तभी सिर और ऊपरी हिस्से पर पानी डालना सुरक्षित रहता है।
पानी के तापमान को लेकर भी खास सावधानी बरतनी चाहिए। बहुत ज्यादा ठंडा या बहुत ज्यादा गर्म पानी, दोनों ही शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। सर्दियों में नहाने के लिए हल्का गुनगुना पानी सबसे उपयुक्त माना जाता है, जिससे शरीर को आराम मिले और किसी तरह का झटका न लगे। खासतौर पर सुबह-सुबह नहाते समय इस नियम का पालन करना और भी जरूरी हो जाता है।
बुजुर्गों, हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट के मरीजों, डायबिटीज से पीड़ित लोगों और कमजोर इम्युनिटी वालों को सर्दियों में नहाते वक्त अतिरिक्त सतर्कता रखनी चाहिए। ठंड ज्यादा होने पर सिर धोने से पहले कुछ देर शरीर को गर्म कपड़ों में रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही, नहाने का समय बहुत लंबा न रखें और बाथरूम में ठंड से बचाव की पूरी व्यवस्था करें।
कुल मिलाकर, सर्दियों में नहाने की सही आदत अपनाकर बड़ी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है। सिर पर सीधे ठंडा पानी डालने की गलती छोड़कर, धीरे-धीरे और सही तापमान के पानी से नहाना न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि आपकी सेहत के लिए लंबे समय तक फायदेमंद भी साबित होता है।