घर की रसोई में पीतल के बर्तनों की मौजूदगी सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि सेहत और शुद्धता से भी जुड़ी मानी जाती है। पूजा-पाठ से लेकर खास मौकों तक, पीतल के बर्तन अलग ही रौनक देते हैं। लेकिन वक्त के साथ इन पर जमी काली परत उनकी चमक छीन लेती है और वे पुराने से दिखने लगते हैं। अक्सर लोग इसे चमकाने के लिए महंगे केमिकल क्लीनर अपनाते हैं, जो न सिर्फ खर्चीले होते हैं बल्कि बर्तनों और हाथों के लिए भी नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। अच्छी बात यह है कि घर में मौजूद कुछ साधारण चीज़ों से ही पीतल के बर्तनों को फिर से नया जैसा बनाया जा सकता है।
नींबू और नमक का संयोजन पीतल की सफाई के लिए सबसे भरोसेमंद माना जाता है। नींबू की खटास और नमक की रगड़ काली परत को धीरे-धीरे हटाती है। कुछ ही मिनटों में बर्तन की सतह साफ दिखने लगती है और पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछते ही उसमें नैचुरल चमक उभर आती है। इसी तरह इमली का पानी भी पीतल के लिए किसी जादू से कम नहीं है। इमली में मौजूद प्राकृतिक एसिड जमी हुई गंदगी को ढीला कर देता है, जिससे बर्तन बिना ज्यादा मेहनत के चमकने लगते हैं।
जब पीतल के बर्तन बहुत ज्यादा काले हो जाएं, तब सिरका और मैदा का पेस्ट असरदार साबित होता है। यह मिश्रण गहराई तक सफाई करता है और कुछ देर बाद हल्के हाथ से रगड़ने पर पुरानी मैल आसानी से उतर जाती है। हल्की गंदगी के लिए टमाटर या उसका रस भी बेहतरीन विकल्प है। टमाटर में मौजूद एसिड पीतल की सतह को नुकसान पहुंचाए बिना दाग-धब्बे साफ कर देता है और बर्तन को ताजा लुक देता है।
अगर आप और गहराई से सफाई चाहते हैं, तो बेकिंग सोडा और नींबू का मिश्रण काफी कारगर माना जाता है। यह कॉम्बिनेशन पीतल की सतह पर जमी परत को हटाकर उसकी खोई चमक वापस लाता है। मुलायम कपड़े से हल्की रगड़ करने पर कुछ ही देर में फर्क साफ नजर आने लगता है।
पीतल के बर्तनों की सफाई करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। कभी भी स्टील स्क्रबर का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे खरोंच पड़ सकती है। सफाई के बाद बर्तन को अच्छी तरह सुखाना भी जरूरी है, ताकि दोबारा दाग न जमें। थोड़ी सी सावधानी और सही तरीका अपनाकर आपके पीतल के बर्तन लंबे समय तक चमकदार और नए जैसे बने रह सकते हैं।