राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे ने भारतीय क्रिकेट को एक साथ गर्व और अफसोस दोनों का एहसास कराया। न्यूजीलैंड ने 7 विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली, जबकि भारत के लिए यह मुकाबला रिकॉर्ड्स के लिहाज से खास रहा। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 284 रन बनाए, लेकिन न्यूजीलैंड ने डेरिल मिचेल के शानदार शतक के दम पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मैच में भले ही Virat Kohli सिर्फ 23 रन ही बना सके, लेकिन उनका एक रन भी इतिहास लिखने के लिए काफी था। जैसे ही विराट ने खाता खोला, वे न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। इस मामले में उन्होंने Sachin Tendulkar को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम कीवी टीम के खिलाफ 1750 रन दर्ज थे। विराट के नाम अब 1773 रन हो चुके हैं, जिससे उन्होंने एक और दिग्गज रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
हालांकि विराट की पारी ज्यादा लंबी नहीं रही। वे उसी अंदाज में आउट हुए, जिसने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल की यादें ताजा कर दीं। इनस्विंगर गेंद पर सिंगल लेने की कोशिश में गेंद बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगकर स्टंप्स में समा गई और भारतीय फैंस एक बार फिर स्तब्ध रह गए।
भारतीय पारी की असली मजबूती KL Rahul बने, जिन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ नाबाद 112 रन की पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है, जिसकी बराबरी उन्होंने पहले भी न्यूजीलैंड के खिलाफ ही की थी। खास बात यह रही कि राहुल ने भारत में पहली बार कीवी टीम के खिलाफ वनडे शतक जड़ा, जिससे वे उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में शामिल हो गए जिन्होंने भारत और न्यूजीलैंड—दोनों जगहों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक लगाया है।
इस मैच में Rohit Sharma ने भी एक अहम मुकाम हासिल किया। 24 रन की पारी के साथ रोहित ने एशिया में अपने 7000 वनडे रन पूरे कर लिए और ऐसा करने वाले दुनिया के सातवें खिलाड़ी बन गए। यह उपलब्धि उनके लंबे और निरंतर करियर की एक और मजबूत गवाही है।
लेकिन मैच का टर्निंग पॉइंट वह पल बना, जब Prasidh Krishna ने डेरिल मिचेल का आसान कैच छोड़ दिया। 36वें ओवर में जब मिचेल 82 रन पर थे, तब कुलदीप यादव की गेंद पर हवा में उछला कैच प्रसिद्ध के हाथों से छूट गया। इसके बाद Daryl Mitchell ने कोई गलती नहीं की, शतक पूरा किया और न्यूजीलैंड को भारत में उसका सबसे बड़ा सफल रन चेज दिला दिया।
एक ओर विराट का सचिन को पीछे छोड़ना और राहुल-रोहित के रिकॉर्ड्स, तो दूसरी ओर एक कैच और कुछ लम्हों की चूक—राजकोट का यह वनडे इसी द्वंद्व के साथ याद किया जाएगा। अब सीरीज का फैसला तीसरे मुकाबले में होगा, जहां भारत के लिए सिर्फ जीत नहीं, बल्कि गलतियों से सबक लेना भी उतना ही जरूरी होगा।