छात्रों की रचनात्मकता और संवेदनशील सोच को वैश्विक मंच देने की दिशा में Central Board of Secondary Education ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीबीएसई ने UPU 2026 अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए 9 से 15 वर्ष के छात्रों को आमंत्रित किया है, जहां शब्दों की ताकत के दम पर न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने का अवसर मिलेगा। इस प्रतियोगिता का विषय है—डिजिटल दुनिया में मानवीय जुड़ाव क्यों जरूरी है—जिस पर छात्रों को अपने मित्र को संबोधित करते हुए एक सशक्त और भावनात्मक पत्र लिखना होगा।
प्रतियोगिता में देशभर के स्कूलों में पहले स्तर पर चयन होगा और सर्वश्रेष्ठ पत्र राष्ट्रीय स्तर पर भेजे जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्र को 50,000 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र दिया जाएगा। यही पत्र भारत की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भेजा जाएगा, जहां Universal Postal Union द्वारा वैश्विक विजेताओं का चयन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक के साथ प्रमाण पत्र दिए जाएंगे और स्वर्ण पदक विजेता को स्विट्जरलैंड के बर्न स्थित UPU मुख्यालय जाने का अवसर भी मिल सकता है।
सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतियोगिता स्कूल स्तर पर आयोजित की जाएगी। छात्र अंग्रेजी या भारत की आठवीं अनुसूची में शामिल किसी भी भाषा में हाथ से लिखा हुआ पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं। पत्र की अधिकतम सीमा 800 शब्द तय की गई है, इससे अधिक लिखे गए पत्रों का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। सभी स्कूलों को 20 मार्च 2026 तक पत्र अपने संबंधित डाक सर्कल को भेजने होंगे, जहां से चुने गए श्रेष्ठ पत्र 31 मार्च 2026 तक निदेशालय को प्रेषित किए जाएंगे। सीधे स्कूल या व्यक्ति द्वारा भेजे गए पत्र मान्य नहीं होंगे।
उम्र को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। केवल वही छात्र पात्र होंगे जिनकी उम्र 5 मई 2026 से पहले 16 वर्ष पूरी नहीं करती हो। आयु सत्यापन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड या स्कूल प्रमाण पत्र मान्य होंगे। आवेदन पत्र के साथ आवश्यक जानकारी, फोटो और दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। प्रतियोगिता के दिन उत्तर पुस्तिका स्कूल द्वारा दी जाएगी, जबकि लेखन सामग्री छात्रों को स्वयं लानी होगी।
कुल मिलाकर, यह प्रतियोगिता केवल पुरस्कार जीतने का मंच नहीं है, बल्कि बच्चों को यह सिखाने का अवसर भी है कि तेज़ होती डिजिटल दुनिया में इंसानी रिश्तों, संवेदना और संवाद का महत्व कितना गहरा है। शब्दों के जरिए अपनी सोच को दुनिया तक पहुंचाने का यह मौका छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव बन सकता है।