सर्दियों में अगर किसी मिठाई की खुशबू दिल तक उतर जाती है, तो वह मूंग का हलवा ही होता है। रेस्टोरेंट में मिलने वाला दानेदार, घी से भरपूर और इलायची की महक वाला मूंग का हलवा घर पर बनाना मुश्किल नहीं है—बस सही तकनीक, धैर्य और घी-चीनी का संतुलन चाहिए। असल जादू दाल को भूनने में छिपा है; यही स्टेप हलवे को साधारण से खास बनाता है।
घर पर होटल जैसा स्वाद पाने के लिए धुली पीली मूंग दाल को अच्छी तरह धोकर 4–5 घंटे या रातभर भिगो दें। पानी छानकर दाल को मिक्सी में दरदरा पीसें—बहुत स्मूद नहीं, हल्का दानेदार टेक्सचर ही परफेक्ट रहता है। कढ़ाही में देसी घी गरम करें और धीमी आंच पर पिसी दाल डालकर लगातार चलाते हुए भूनें। इस चरण में जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए; 25–30 मिनट में दाल का रंग हल्का सुनहरा होगा, खुशबू आएगी और घी अलग दिखने लगेगा—यही संकेत है कि अगला कदम लेना है।
अब सावधानी से दूध और पानी डालें, लगातार चलाते रहें ताकि छींटे न पड़ें और गुठलियां न बनें। कुछ ही देर में मिश्रण गाढ़ा होकर कढ़ाही छोड़ने लगेगा। इस वक्त चीनी मिलाएं; चीनी डालते ही हलवा ढीला पड़ेगा, लेकिन कुछ मिनट में फिर से चमकदार होकर गाढ़ा हो जाएगा। अंत में इलायची पाउडर और कटे काजू-बादाम-किशमिश डालें और 5–7 मिनट और पकाएं। जब हलवा पूरी तरह घी छोड़ दे और चमक उठे, गैस बंद कर दें।
गरमागरम मूंग का हलवा मेवों से सजा कर परोसें। स्वाद, खुशबू और टेक्सचर—तीनों में यह बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा लगेगा, और घर की रसोई महक उठेगी।