छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में निवेश के नाम पर एक सरकारी कर्मचारी से 15.60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को शेयर मार्केट का जानकार और निवेश सलाहकार बताकर भरोसा जीता, फिर किश्तों में बड़ी रकम ली और आखिरकार मोबाइल बंद कर फरार हो गया। मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित अमित दास ने पुलिस को बताया कि उसकी पहचान देवपुरी निवासी कुलदीप भतपहरी से हुई थी, जिसने खुद को इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट बताकर शेयर बाजार में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि निवेश पर न सिर्फ अच्छा रिटर्न मिलेगा, बल्कि नियमित ब्याज भी दिया जाएगा। शुरुआत में आरोपी ने कुछ समय तक पैसे लौटाकर भरोसा और मजबूत किया, जिससे पीड़ित और उसके भाई को कोई शक नहीं हुआ।
आरोपी की बातों में आकर अमित दास और उसके भाई रोहित दास ने अलग-अलग खातों में सात किश्तों के जरिए कुल 15.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय तक भुगतान मिलने के बाद अचानक 2024 से आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया। मोबाइल बंद होने और कोई जवाब न मिलने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने इसी तरह 30 से 40 अन्य लोगों को भी निवेश के नाम पर ठगा है। सभी से अलग-अलग खातों में पैसे लेकर वह फरार हो गया। पंडरी पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
विवेचना अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में लोग जल्दी मुनाफे के लालच में आकर बिना पुख्ता जांच-पड़ताल के पैसे दे देते हैं, जिसका फायदा ठग उठाते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति या संस्था को निवेश के लिए रकम देने से पहले उसकी वैधता, रजिस्ट्रेशन और ट्रैक रिकॉर्ड की पूरी जानकारी जरूर लें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।