छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से सामने आई इस सनसनीखेज वारदात ने कुछ दिनों तक पुलिस और आम लोगों दोनों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन आखिरकार कड़ी मेहनत और तकनीकी जांच के दम पर पुलिस ने पेट्रोल पंप लूटकांड का पर्दाफाश कर दिया। NH-130 पर रतनपुर-कोरबा मार्ग स्थित पेट्रोल पंप में हुई इस लूट के पीछे सक्रिय अंतरजिला गिरोह को पकड़ने के लिए पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और आखिरकार तीन आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।
जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार आरोपी हथियारों से लैस होकर पेट्रोल पंप पहुंचे थे। पेट्रोल भरवाने के बाद उन्होंने कर्मचारी के साथ मारपीट की और हथियार दिखाकर नकदी लूट ली, फिर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मूवमेंट पैटर्न का विश्लेषण कर पूरे गिरोह की पहचान कर ली। लगातार कई जिलों की फुटेज जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और फिर दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई पल्सर बाइक, देशी कट्टा, कारतूस, चाकू, मोबाइल फोन और लूट की गई नगदी बरामद की गई है। पूछताछ में आरोपियों ने न सिर्फ इस वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की, बल्कि अन्य आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के संकेत भी दिए हैं, जिससे उनके आपराधिक नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं।
यह लूट की घटना 11 जनवरी की दरमियानी रात रतनपुर थाना क्षेत्र में हुई थी। बाइक पर सवार तीन युवक पेट्रोल पंप पहुंचे, पेट्रोल भरवाया और इसके बाद अचानक कर्मचारी पर हमला कर दिया। मारपीट के बाद उन्होंने करीब 28 हजार रुपए की नकदी लूटी और फरार हो गए। पूरी वारदात पंप में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जो बाद में पुलिस जांच की सबसे बड़ी कड़ी साबित हुई।
इस मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि हाईवे पर अपराध करने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं होगा। लगातार निगरानी, तकनीकी जांच और तेज कार्रवाई के जरिए ऐसे गिरोहों पर सख्ती जारी रहेगी, ताकि आम लोगों और कारोबारियों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।