रायपुर में पुलिस कमिश्नरी को लेकर लंबे समय से बना असमंजस अब खत्म होता दिख रहा है। सूत्रों के मुताबिक 23 जनवरी से राजधानी में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू की जा सकती है। इसके तहत रायपुर के साथ नवा रायपुर अटल नगर और इससे जुड़े थाना क्षेत्रों को कमिश्नरी के दायरे में लाने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। चर्चा है कि नवा रायपुर के साथ अभनपुर, माना और राखी थाना भी इस नई व्यवस्था का हिस्सा बन सकते हैं।
नवा रायपुर में विधानसभा, मंत्रालय, मंत्री बंगले और कई संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठान स्थित हैं। इसी वजह से इसे पुलिस कमिश्नरी में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। यदि किसी कारण से अभनपुर थाना सीधे कमिश्नरी में शामिल नहीं होता है, तो वहां एक नया थाना स्थापित किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस महकमे के अफसर अपने स्तर पर तैयारियों में जुट गए हैं और माना जा रहा है कि सोमवार तक तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस कमिश्नर कार्यालय के लिए फिलहाल पुराना तहसील कार्यालय के सामने स्थित पुराना राजस्व आयुक्त कार्यालय को अस्थायी तौर पर चुना जा सकता है। वहीं कमिश्नरी लागू होने के बाद प्रशासनिक ढांचे को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। संभावना है कि पुलिस आयुक्त के रूप में एडीजी या आईजी रैंक के अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। उनके साथ दो डीसीपी तैनात किए जा सकते हैं, जो आईजी या डीआईजी स्तर के हो सकते हैं। इसके अलावा छह आईपीएस रैंक के अधिकारी एसीपी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। थानों में भी बदलाव दिख सकता है, जहां दो-दो एसएचओ की पोस्टिंग की चर्चा है, जिनमें राज्य पुलिस सेवा और टीआई रैंक के अधिकारी शामिल रहेंगे।
माना एयरपोर्ट क्षेत्र इसी थाना सीमा में आता है और अभनपुर थाना क्षेत्र का बड़ा हिस्सा नवा रायपुर से जुड़ा हुआ है। नवा रायपुर में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पहले से ही राखी थाना अलग से काम कर रहा है। अब संभावना है कि नवा रायपुर से सटे अभनपुर और माना को भी कमिश्नरी में जोड़ दिया जाए। इसके साथ ही आरंग, धरसींवा और तिल्दा नेवरा जैसे क्षेत्रों को मिलाकर अलग से रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला बनाया जा सकता है, जहां ग्रामीण एसपी की नियुक्ति होगी।
पुलिस कमिश्नरी लागू होने के बाद शहरी और ग्रामीण थाना क्षेत्रों की भौगोलिक सीमाओं में बदलाव तय माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि राजधानी और आसपास के इलाकों में आधा दर्जन तक नए थाने खोले जा सकते हैं। इसके लिए बजट सत्र में अनुमति मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर 23 जनवरी को रायपुर की पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे राजधानी और नवा रायपुर की सुरक्षा व्यवस्था को नई धार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।