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गरियाबंद में बड़ा सरेंडर: 8 नक्सलियों ने थामी मुख्यधारा की राह, 8-8 लाख के इनामी बलदेव और अंजू भी शामिल

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छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर एक बड़ी और निर्णायक खबर सामने आई है। यहां आठ नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ते हुए सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। इन आत्मसमर्पण करने वालों में दो कुख्यात डीवीसीएम—बलदेव और अंजू—भी शामिल हैं, जिन पर सरकार ने 8-8 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस घटनाक्रम को इलाके में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली संगठन के भीतर व्याप्त भेदभाव, उपेक्षा और अमानवीय जीवनशैली से लंबे समय से असंतुष्ट थे। माओवादी विचारधारा और उनके तौर-तरीकों से क्षुब्ध होकर उन्होंने यह कदम उठाया। साथ ही, क्षेत्र में लगातार चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों और शासन की प्रभावी पुनर्वास नीति ने भी उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। अधिकारियों का कहना है कि ये नक्सली अब हिंसा से दूर रहकर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं।

आत्मसमर्पण के बाद सभी नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सुरक्षा, आर्थिक सहायता और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के अवसर दिए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के सरेंडर से नक्सली संगठन की रीढ़ कमजोर होगी और प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी। गरियाबंद में हुआ यह सामूहिक आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगाता है।

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