अंडा प्रोटीन का पावरहाउस माना जाता है। जिम जाने वालों से लेकर वेट लॉस और मसल्स गेन का लक्ष्य रखने वालों तक, लगभग हर डाइट प्लान में अंडा शामिल रहता है। सही मात्रा में अंडा ताकत देता है, रिकवरी तेज करता है और मसल्स बिल्डिंग में मददगार होता है। लेकिन यही अंडा जब जरूरत से ज्यादा खाया जाए, तो सेहत पर उल्टा असर डाल सकता है। अक्सर लोग रोज़ 4–6 अंडे तक खा लेते हैं, जबकि एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी भी पोषक तत्व की अधिकता नुकसानदायक हो सकती है।
ज्यादा अंडे खाने का पहला बड़ा नुकसान कोलेस्ट्रॉल से जुड़ा है। अंडे की जर्दी में कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में पाया जाता है। लगातार ज्यादा अंडे खाने से शरीर में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है, जो धीरे-धीरे हार्ट ब्लॉकेज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। खासकर जिन लोगों को पहले से दिल से जुड़ी दिक्कतें हैं, उनके लिए यह आदत और भी जोखिम भरी हो सकती है।
दूसरा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। अंडा हैवी फूड माना जाता है और ज्यादा मात्रा में खाने पर पेट को इसे पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसका नतीजा गैस, पेट फूलना, एसिडिटी या कब्ज के रूप में सामने आ सकता है। कई लोगों में डाइजेशन स्लो हो जाता है, जिससे दिनभर भारीपन और सुस्ती महसूस होती है।
तीसरा नुकसान किडनी से जुड़ा है। अंडा प्रोटीन से भरपूर होता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। लंबे समय तक ज्यादा अंडे खाने से किडनी को प्रोटीन मेटाबोलाइज करने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे किडनी फंक्शन कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी समस्या है, उन्हें खासतौर पर सावधान रहने की जरूरत होती है।
चौथा खतरा एलर्जी और स्किन प्रॉब्लम्स का है। कुछ लोगों को अंडे से एलर्जी होती है, लेकिन ज्यादा सेवन करने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। स्किन पर रैशेज, खुजली, मुंहासे या सूजन जैसी दिक्कतें दिख सकती हैं। बच्चों में अंडे की अधिकता से एलर्जिक रिएक्शन जल्दी सामने आते हैं, इसलिए उनकी डाइट में भी संतुलन जरूरी है।
तो सही मात्रा क्या है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए दिन में 1–2 अंडे पर्याप्त माने जाते हैं। बेहतर यही है कि डाइट में सिर्फ अंडे पर निर्भर न रहकर दालें, पनीर, फल, सब्ज़ियां और अन्य प्रोटीन सोर्स भी शामिल किए जाएं, ताकि शरीर को संतुलित पोषण मिल सके।