छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को लेकर रफ्तार तेज होने जा रही है और इसकी अगुवाई नवा रायपुर से शुरू होने वाली है। प्रदेश को ऊर्जा के नए और टिकाऊ मॉडल की ओर ले जाने के इरादे से छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी ने नवा रायपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की ठोस तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में 18 विभागों के लिए कुल 2370 किलोवाट सौर ऊर्जा उत्पादन की विस्तृत योजना बनाकर प्रदेश सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। सरकार से हरी झंडी मिलते ही इस महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
दरअसल, पहले नवा रायपुर में 10 मेगावाट सौर बिजली उत्पादन के लिए करीब 65 करोड़ रुपये का एक संयुक्त प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी नहीं दी। इसके बाद क्रेडा को निर्देश दिए गए कि वह हर विभाग के लिए अलग-अलग योजनाएं बनाकर प्रस्ताव दे। अब इसी निर्देश के तहत क्रेडा ने विभागवार सौर ऊर्जा योजना तैयार कर दोबारा सरकार के सामने रखी है, जिसे नवा रायपुर को चरणबद्ध तरीके से सोलर सिटी बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
देशभर में लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच केंद्र सरकार भी सोलर एनर्जी पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से लेकर राज्यों में सरकारी और निजी सोलर प्लांट तक, हर स्तर पर अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में भी आवासीय कॉलोनियों के लिए रेस्को मॉडल अपनाया जा रहा है, ताकि लोगों को कम लागत में स्वच्छ ऊर्जा मिल सके। नवा रायपुर की यह योजना उसी राष्ट्रीय नीति से तालमेल बैठाती दिख रही है।
क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के मुताबिक, नवा रायपुर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने के लिए सभी संबंधित विभागों की जरूरतों का आकलन कर अलग-अलग सौर क्षमता तय की गई है। प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेज दिया गया है और जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
योजना के तहत नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के लिए सबसे बड़ी, 500 किलोवाट की सौर ऊर्जा क्षमता तय की गई है। इसके अलावा रिटेल कॉम्प्लेक्स के लिए 400 किलोवाट, सीएसआईडीसी मेला स्थल के लिए 250 किलोवाट, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और आदिवासी संग्रहालय के लिए 200-200 किलोवाट की व्यवस्था प्रस्तावित है। कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए 100 किलोवाट, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय और राज्य योजना आयोग के लिए 90-90 किलोवाट, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के लिए 80 किलोवाट, लोक निर्माण विभाग डिवीजन-3 के लिए 70 किलोवाट, छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग के लिए 60 किलोवाट और डेवलपमेंट कमिश्नर कार्यालय के लिए 55 किलोवाट की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही स्टेट इंफॉर्मेशन कमीशन, राज्य चुनाव आयोग और अन्य विभागों के लिए भी 30 से 50 किलोवाट तक की अलग-अलग सौर योजनाएं शामिल हैं।
हालांकि नवा रायपुर में अभी पूरी बसाहट नहीं हुई है, लेकिन यहां मंत्रालय, सरकारी दफ्तर, मुख्यमंत्री और मंत्रियों के बंगले, बड़े संस्थान और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद हैं। ऐसे में सोलर सिटी की यह योजना न सिर्फ सरकारी बिजली खर्च को कम करेगी, बल्कि नवा रायपुर को हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा मॉडल के रूप में स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी। छत्तीसगढ़ के लिए यह पहल भविष्य की स्मार्ट और सस्टेनेबल सिटी की दिशा में एक मजबूत संकेत मानी जा रही है।