खुशबू, स्वाद और सेहत की रानी: घर पर ऐसे उगाएं हरी इलायची, आसान तरीके से करें प्लांटेशन

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हरी इलायची को ‘मसालों की रानी’ कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं है। इसकी खुशबू चाय को खास बना देती है, मिठाइयों में जान डाल देती है और आयुर्वेद में यह पाचन से लेकर सांसों की ताजगी तक के लिए जानी जाती है। अक्सर यह माना जाता है कि इलायची सिर्फ पहाड़ी इलाकों या बड़े बागानों में ही उग सकती है, लेकिन सही जानकारी और थोड़ी देखभाल के साथ इसे घर के किचन गार्डन में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है।

घर पर इलायची लगाने के लिए सबसे पहले सही जगह का चुनाव बेहद जरूरी है। यह पौधा छायादार और नम वातावरण में बेहतर बढ़ता है, इसलिए ऐसी जगह चुनें जहां सीधी धूप न पड़े लेकिन रोशनी पर्याप्त हो। बालकनी का शेड वाला हिस्सा, गार्डन का कोना या छांवदार एरिया इसके लिए आदर्श रहता है। मिट्टी की बात करें तो इलायची को उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी पसंद होती है। बगीचे की मिट्टी में गोबर की खाद और थोड़ा सा रेत मिलाकर इस्तेमाल करने से जड़ों को सही पोषण और हवा मिलती रहती है। गमला कम से कम 12 से 14 इंच गहरा होना चाहिए ताकि जड़ें आराम से फैल सकें।

बीज से इलायची उगाने के लिए ताजी हरी इलायची के दानों का उपयोग करना बेहतर रहता है। बीजों को बोने से पहले लगभग 24 घंटे पानी में भिगो दें, इससे अंकुरण आसान हो जाता है। इसके बाद हल्की गीली मिट्टी में करीब आधा इंच गहराई तक बीज बोकर ऊपर से मिट्टी डाल दें और हल्का पानी दें। धैर्य रखना जरूरी है, क्योंकि अंकुर निकलने में तीन से चार हफ्ते तक का समय लग सकता है।

इलायची के पौधे को नमी पसंद होती है, लेकिन पानी भराव इसे नुकसान पहुंचा सकता है। मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें और जरूरत से ज्यादा पानी देने से बचें। गर्मियों में पानी की मात्रा थोड़ी बढ़ाई जा सकती है, जबकि सर्दियों में संतुलन जरूरी होता है। हर 20–25 दिन में जैविक खाद देने से पौधा स्वस्थ रहता है और उसकी बढ़वार अच्छी होती है।

इलायची के पौधे से फल मिलने में थोड़ा समय लगता है। आमतौर पर दो से तीन साल बाद पौधे पर फल आने लगते हैं। जब फल हल्के हरे रंग के और पूरी तरह विकसित नजर आने लगें, तब उनकी कटाई करनी चाहिए। सही समय पर की गई कटाई से इलायची की खुशबू और गुणवत्ता बनी रहती है।

घर पर इलायची उगाने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको शुद्ध, केमिकल-फ्री इलायची मिलती है। साथ ही यह पौधा आपके किचन गार्डन की शोभा बढ़ाता है और लंबे समय तक उपयोग में आता है। थोड़ी मेहनत और सही देखभाल से आप अपने घर में ही इस खास मसाले की खेती का आनंद ले सकते हैं।

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