देश के कमर्शियल व्हीकल बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। Tata Motors ने भारतीय बाजार में 17 नए ट्रकों के साथ अपना नया और अपग्रेडेड पोर्टफोलियो लॉन्च कर दिया है। यह नई रेंज 7 टन से लेकर 55 टन तक के सेगमेंट को कवर करती है और इसमें Azura सीरीज, Tata Trucks.ev यानी इलेक्ट्रिक ट्रक रेंज के साथ-साथ Prima, Signa और Ultra प्लेटफॉर्म पर आधारित अपडेटेड मॉडल शामिल हैं। टाटा मोटर्स का यह कदम साफ संकेत देता है कि कंपनी आने वाले समय में सेफ्टी, परफॉर्मेंस और प्रॉफिटेबिलिटी—तीनों पर एक साथ फोकस कर रही है।
कंपनी ने इन सभी ट्रकों को कड़े वैश्विक सुरक्षा मानकों ECE R29.03 यानी यूरो क्रैश नॉर्म्स के अनुरूप इंजीनियर किया है। टाटा मोटर्स का दावा है कि इस नए पोर्टफोलियो से ट्रांसपोर्टर्स की कमाई बढ़ेगी, कुल स्वामित्व लागत घटेगी और व्हीकल अपटाइम में भी सुधार देखने को मिलेगा। यानी यह रेंज सिर्फ नई तकनीक का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सीधे तौर पर बिजनेस को ज्यादा फायदेमंद बनाने की कोशिश है।
सेफ्टी को लेकर टाटा मोटर्स ने इस बार कोई समझौता नहीं किया है। नए ट्रकों के केबिन को फुल फ्रंटल, साइड-इम्पैक्ट और रोलओवर प्रोटेक्शन के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इनमें 23 तक एडवांस एक्टिव सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं, जिनमें एडैप्टिव क्रूज कंट्रोल, लेन डिपार्चर वार्निंग और कोलिजन मिटिगेशन सिस्टम जैसे फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा Fleet Edge कनेक्टेड व्हीकल प्लेटफॉर्म के जरिए ड्राइवर के ड्राइविंग बिहेवियर और व्हीकल परफॉर्मेंस की रियल-टाइम मॉनिटरिंग भी की जा सकती है, जिससे सेफ्टी के साथ-साथ ऑपरेशनल एफिशिएंसी भी बढ़ेगी।
इस नई रेंज का एक बड़ा आकर्षण ज्यादा पेलोड और बेहतर कमाई का वादा है। स्मार्ट इंजीनियरिंग सुधारों के चलते पेलोड कैपेसिटी में 1.8 टन तक की बढ़ोतरी की गई है। इनमें 6.7 लीटर का डीजल इंजन दिया गया है, जो करीब 7 प्रतिशत बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी देने का दावा करता है। इसके साथ ही रियल-टाइम व्हीकल हेल्थ मॉनिटरिंग, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और इंटेलिजेंट ट्रिप मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं ट्रांसपोर्टर्स को अनचाहे ब्रेकडाउन और अतिरिक्त खर्च से बचाने में मदद करेंगी।
इलेक्ट्रिक सेगमेंट में भी टाटा मोटर्स ने बड़ा कदम उठाया है। Tata Trucks.ev रेंज को J-MOEV यानी Intelligent Modular Electric Vehicle आर्किटेक्चर पर तैयार किया गया है। इसमें Ultra EV, Prima E.55S और Prima E.28K जैसे मॉडल शामिल हैं। Ultra EV रेंज 7, 9 और 12 टन सेगमेंट में उपलब्ध है, जो शहरी और क्लोज्ड-लूप ऑपरेशंस के लिए जीरो-एमिशन समाधान पेश करती है। वहीं Prima E.55S अपने 470 kW पावर और 453 kWh बैटरी के साथ हैवी-ड्यूटी ट्रक सेगमेंट में नया बेंचमार्क सेट करता है। Prima E.28K टिपर को खासतौर पर माइनिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे कठिन और भारी कामों के लिए डिजाइन किया गया है।
कुल मिलाकर, टाटा मोटर्स का यह नया ट्रक पोर्टफोलियो साफ दिखाता है कि कंपनी भविष्य के ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ध्यान में रखकर सेफ्टी, टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और प्रॉफिटेबिलिटी—चारों मोर्चों पर एक साथ आक्रामक रणनीति अपना रही है।