केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा राजनीतिक और विकासात्मक संदेश दिया, जिसकी गूंज राज्य की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गई। शुक्रवार को एक अहम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सतत प्रयासों से केरल के विकास को नई रफ्तार मिली है और आज तिरुवनंतपुरम से केवल राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए सकारात्मक बदलावों की शुरुआत हो रही है। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह लक्ष्य तभी पूरा होगा जब पूरा देश एकजुट होकर आगे बढ़े।
प्रधानमंत्री ने केरल में रेल कनेक्टिविटी को विकास का इंजन बताते हुए चार नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई, जिनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक और किफायती रेल सेवाएं यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाती हैं, व्यापार और पर्यटन को गति देती हैं और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी के साथ केरल की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम है।
तिरुवनंतपुरम को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने की बात करते हुए प्रधानमंत्री ने युवाओं को नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर बनने का रास्ता स्टार्टअप्स और नए विचारों से होकर गुजरता है, और केरल के युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच देने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यह पहल राज्य के युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में है।
गरीब कल्याण को लेकर प्रधानमंत्री ने पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की शुरुआत को एक बड़ी सामाजिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह यूपीआई से जुड़ा ब्याज-मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट कार्ड रेहड़ी-पटरी वालों, ठेला लगाने वालों और फुटपाथ पर कारोबार करने वालों को तुरंत नकदी उपलब्ध कराएगा, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देगा और उनका क्रेडिट इतिहास तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि केरल में 10 हजार से अधिक और तिरुवनंतपुरम में 600 से ज्यादा लाभार्थियों को यह कार्ड मिल चुका है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले क्रेडिट कार्ड अमीरों तक सीमित थे, लेकिन अब यह सुविधा मेहनतकश गरीबों तक पहुंच रही है, जिससे उन्हें साहूकारों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी।
प्रधानमंत्री के रोड शो के दौरान तिरुवनंतपुरम की सड़कों पर दिखा जोश यह संकेत दे रहा था कि राज्य की राजनीति में नई हलचल है। अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से बिजली बिल घट रहा है, आयुष्मान भारत के तहत 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, मातृ वंदना योजना महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है और 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स-फ्री करने से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण विकसित भारत की मजबूत नींव है।
विज्ञान, स्वास्थ्य और नवाचार को भविष्य की ताकत बताते हुए प्रधानमंत्री ने तिरुवनंतपुरम में सीएसआईआर-एनआईआईएसटी इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप हब की आधारशिला रखने और मेडिकल कॉलेज में रेडियो सर्जरी सेंटर की शुरुआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये पहल केरल को विज्ञान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगी।
राजनीतिक संदेश को और स्पष्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 1987 से पहले गुजरात में भाजपा एक छोटी पार्टी थी, लेकिन जनता ने सेवा का मौका दिया और वही भरोसा आगे चलकर ऐतिहासिक बदलाव का कारण बना। उसी तरह तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा की जीत केवल एक चुनावी परिणाम नहीं, बल्कि सुशासन और विकसित केरल के संकल्प की जीत है। उन्होंने LDF और UDF पर बारी-बारी से भ्रष्टाचार और कुशासन का आरोप लगाते हुए कहा कि अब केरल को एक तीसरे, मजबूत और ईमानदार विकल्प की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने केरल की राजनीति को नई दिशा देने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव राज्य की दशा और दिशा तय करेंगे। भाजपा को उन्होंने विकास, सुशासन और ईमानदार राजनीति का विकल्प बताते हुए कहा कि यही रास्ता केरल के उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगा।