देशभर के युवाओं के लिए शनिवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया, जब Narendra Modi ने 18वें रोजगार मेले के तहत वर्चुअली 61 हजार नियुक्ति पत्र सौंपे। ये नियुक्तियां गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग समेत कई केंद्रीय विभागों में की गई हैं। इस बार रोजगार मेला देश के 45 स्थानों पर एक साथ आयोजित किया गया, जिससे इसका दायरा और प्रभाव दोनों साफ तौर पर नजर आए।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को नए अवसर मिलें, यही सरकार का निरंतर प्रयास है। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विस्तार कर रहा है और इसमें महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। आज कई स्टार्टअप ऐसे हैं, जहां महिलाएं न सिर्फ हिस्सा हैं, बल्कि नेतृत्व की भूमिका में भी हैं। पीएम ने बताया कि महिला स्वरोजगार की दर में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो सामाजिक और आर्थिक बदलाव का संकेत है।
प्रधानमंत्री ने रोजगार मेले को एक मिशन मोड पहल बताते हुए कहा कि सरकारी भर्तियों को तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए इस पहल की शुरुआत की गई थी, जो अब एक मजबूत संस्थान का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि भारत आज कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट कर रहा है, जिससे आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए रास्ते खुलेंगे। पीएम के मुताबिक, देश में दो लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स हैं, जिनमें करीब 21 लाख युवा काम कर रहे हैं, और यही भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रमाण है।
अपने भाषण में पीएम ने ऑटोमोबाइल सेक्टर का भी जिक्र किया और बताया कि 2025 में दोपहिया वाहनों की बिक्री दो करोड़ के पार पहुंच गई है। आयकर और जीएसटी में राहत से उद्योगों को मजबूती मिली है, जिसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि 18वें रोजगार मेले में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को नियुक्ति पत्र मिले हैं और आज गांवों से लेकर शहरों तक कई रोजगार क्षेत्रों में महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।
युवाओं को संदेश देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में खुद को लगातार अपग्रेड करना बेहद जरूरी है। उन्होंने आईगॉट ऐप का उदाहरण देते हुए कहा कि इससे लाखों लोग खुद को नई स्किल्स में ट्रेन कर रहे हैं और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो रहे हैं।
रोजगार मेले की यह पहल अक्टूबर 2022 में शुरू हुई थी, जब पहले फेज में लक्ष्य रखा गया था कि 2023 के अंत तक 10 लाख सरकारी नौकरियां दी जाएं। नवंबर 2023 तक 11 रोजगार मेलों में 7 लाख से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र मिल चुके थे और 2025 में 11 लाख का आंकड़ा पूरा हुआ। इससे पहले 24 अक्टूबर 2025 को 17वां रोजगार मेला आयोजित हुआ था, जबकि 12 फरवरी 2024 को हुए 12वें रोजगार मेले में रिकॉर्ड 1 लाख जॉब लेटर बांटे गए थे।
कुल मिलाकर, 18वां रोजगार मेला सिर्फ नियुक्ति पत्र बांटने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसमें युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और भारत के स्टार्टअप व रोजगार इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता के रूप में उभरता है।