शहीद की प्रतिमा का अपमान: बलौदाबाजार में वीर सपूत हमेश्वर कुर्रे की मूर्ति की उपेक्षा, शराबियों का अड्डा बन चुका है स्थल

Spread the love

बलौदाबाजार। देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को हम राष्ट्र का गौरव बताते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बलौदाबाजार जिले से लगे ग्राम परसाभदेर के वीर सपूत हमेश्वर कुर्रे, जिन्होंने वर्ष 2006 में बस्तर में हुए नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हुए। उनकी स्मृति में स्थापित प्रतिमा आज घोर उपेक्षा और संवेदनहीनता का शिकार हो चुकी है।

प्रशासन द्वारा गांव के बाहर स्थापित की गई शहीद हमेश्वर कुर्रे की प्रतिमा के आसपास का दृश्य बेहद पीड़ादायक है। जहां एक ओर यह स्थल देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर यह स्थान आज शराबियों का अड्डा बन चुका है। प्रतिमा के सामने बना चबूतरा जर्जर अवस्था में है, टाइल्स टूट चुकी हैं और साफ-सफाई के अभाव में स्मारक की गरिमा धूमिल हो रही है।

प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि यहां नहीं आते
सबसे अधिक दुखद पहलू यह है कि, गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों और शहीद दिवसों पर भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि यहां पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करना जरूरी नहीं समझते। शहीद की प्रतिमा पर न तो नियमित पुष्पांजलि होती है और न ही कोई देखरेख की व्यवस्था है।

स्मृति को जीवित रखने की जिम्मेदारी सिर्फ परिजनों पर
इस शहीद की स्मृति को जीवित रखने की जिम्मेदारी अब केवल उनके परिजनों के कंधों पर रह गई है। जो हर राष्ट्रीय पर्व पर स्वयं आकर प्रतिमा की साफ-सफाई करते हैं और नम आंखों से अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। परिजनों का कहना है कि, जिस जवान ने देश के लिए अपनी जान दी, उसकी स्मृति की रक्षा करना क्या केवल परिवार का दायित्व है।

सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी
ग्रामीणों में भी इस उपेक्षा को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि, नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के स्मारकों की अनदेखी प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षाबलों के बलिदान के प्रति संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है। छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों की विरासत को संजोना सरकार और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *