शेयर बाजार के प्राइमरी सेगमेंट में यह हफ्ता खासा व्यस्त रहने वाला है। निवेशकों के पास एक साथ कई नए इश्यूज में दांव लगाने का मौका होगा। SME सेगमेंट से पांच नए IPO खुल रहे हैं, जो मिलकर 226 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं। इसी के साथ पांच कंपनियां लिस्टिंग के लिए भी तैयार हैं, जिनमें मेनबोर्ड से सिर्फ Shadowfax Technologies का नाम शामिल है। बाजार में हल्की तेजी की उम्मीद जरूर है, लेकिन ग्रे मार्केट में शैडोफैक्स के लिए फिलहाल कोई प्रीमियम नहीं दिख रहा, जिससे लिस्टिंग फ्लैट या बेहद सीमित मूवमेंट के संकेत दे रही है।
SME IPOs की शुरुआत 27 जनवरी से होगी, जब स्टील फाइबर प्रोडक्ट्स बनाने वाली कस्तूरी मेटल कम्पोजिट अपना इश्यू खोलेगी। यह कंपनी 61 से 64 रुपये के प्राइस बैंड पर शेयर ऑफर कर रही है और करीब 17.6 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। इसके बाद 28 जनवरी से तीन और SME इश्यू बाजार में उतरेंगे। एल्यूमिनियम एक्सट्रूजन से जुड़ी कनिष्क एल्युमिनियम इंडिया, एल्यूमिनियम स्कैफोल्डिंग बनाने वाली एमसेफ इक्विपमेंट्स और आयुर्वेदिक-न्यूट्रास्यूटिकल सेगमेंट की एक्रिशन न्यूट्रावेदा—तीनों अलग-अलग सेक्टर्स से हैं और यही SME स्पेस की खासियत भी है, जहां विविध बिजनेस मॉडल देखने को मिलते हैं। हफ्ते के आखिर में 30 जनवरी को एग्रो-कमोडिटी और कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स डिस्ट्रीब्यूटर CKK रिटेल मार्ट का IPO खुलेगा, जो 88 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य लेकर आ रहा है।
इसी बीच पहले से खुले हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल और शायोना इंजीनियरिंग के IPO 27 जनवरी तक खुले रहेंगे। शुरुआती दो दिनों में हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल करीब आधा सब्सक्राइब हुआ है, जबकि शायोना इंजीनियरिंग में मांग अपेक्षाकृत बेहतर रही है। इससे यह साफ है कि SME सेगमेंट में निवेशकों की रुचि बनी हुई है, हालांकि हर इश्यू को एक जैसा रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा।
लिस्टिंग की बात करें तो इस हफ्ते का सबसे बड़ा फोकस 28 जनवरी को होने वाली शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज की एंट्री पर रहेगा, जो Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange of India दोनों पर लिस्ट होगी। लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्रोवाइडर शैडोफैक्स का 1,907 करोड़ रुपये का IPO 2.72 गुना सब्सक्राइब हुआ था, लेकिन ग्रे मार्केट में प्रीमियम न के बराबर है। इसके अलावा डिजिलॉजिक सिस्टम्स, केआरएम आयुर्वेद, हन्ना जोसेफ हॉस्पिटल और शायोना इंजीनियरिंग भी SME प्लेटफॉर्म्स पर इस हफ्ते ट्रेडिंग शुरू करेंगी।
कुल मिलाकर यह एक छोटा ट्रेडिंग हफ्ता है, इसलिए सेकेंडरी मार्केट में वॉल्यूम सीमित रह सकता है, लेकिन प्राइमरी मार्केट में हलचल कम नहीं है। SME IPOs में छोटे निवेशकों की भागीदारी आमतौर पर ज्यादा रहती है, लेकिन इनके साथ जोखिम भी उतना ही ऊंचा होता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स की सलाह यही है कि सिर्फ GMP या शुरुआती उत्साह के आधार पर नहीं, बल्कि बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल्स और एलोकेशन स्ट्रक्चर देखकर ही फैसला किया जाए—क्योंकि लिस्टिंग के बाद असली परीक्षा वहीं से शुरू होती है।