77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ सख्त और स्पष्ट रुख दोहराया। प्रदेश के गृहमंत्री Vijay Sharma ने नक्सलियों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि भारत का संविधान विचारों की अभिव्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता देता है, लेकिन हथियार उठाने और हिंसा फैलाने की कोई जगह लोकतंत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब देश 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है, तब यह संदेश साफ है—हथियार छोड़िए, संविधान के रास्ते पर आइए।
गृहमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री के स्पष्ट आह्वान के अनुरूप नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य तय किया गया है और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ से माओवाद समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के मार्गदर्शन में राज्य सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और रणनीतिक तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है।
विजय शर्मा ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि तय समय-सीमा के भीतर छत्तीसगढ़ के जंगलों में हिंसा का अध्याय समाप्त कर दिया जाएगा। आईईडी लगाकर निर्दोषों की जान लेना, स्कूलों को निशाना बनाना और भय का माहौल बनाना—इन सभी अमानवीय गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगेगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि स्थायी शांति, विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना है।
गणतंत्र दिवस के इस संदेश के साथ राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ अब डर के साए में नहीं, संविधान और लोकतंत्र की ताकत से आगे बढ़ेगा।