सोशल मीडिया पर बुधवार को एक सनसनीखेज दावा तेजी से फैला कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का विमान हादसे में निधन हो गया है और इस खबर पर बॉलीवुड से शोक संदेश आने लगे हैं। पोस्ट्स में रितेश देशमुख, कंगना रनौत, अजय देवगन और अन्य हस्तियों के कथित रिएक्शन्स तक जोड़ दिए गए। हालांकि, थोड़ी ही पड़ताल में यह स्पष्ट हो गया कि न तो किसी आधिकारिक एजेंसी ने हादसे या निधन की पुष्टि की है, और न ही इन सितारों की ओर से कोई सत्यापित शोक संदेश जारी हुआ है।
दरअसल, “ब्रेकिंग/लाइव” टैग और भावनात्मक उद्धरणों के साथ फैलाई गई यह सामग्री क्लिकबेट और भ्रम का क्लासिक उदाहरण है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति के निधन की पुष्टि सरकारी बयान, परिवार/पार्टी की घोषणा या विश्वसनीय समाचार एजेंसियों से होती है—जो इस मामले में मौजूद नहीं है। ऐसे में बॉलीवुड शोक संदेशों का दावा भी अप्रमाणित ठहरता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की अफवाहें अक्सर राजनीति और मनोरंजन—दोनों भावनाओं को एक साथ उकसाकर तेज़ी से वायरल होती हैं। फर्जी उद्धरण, पुराने वीडियो/फोटो या बिना स्रोत के “कथित बयान” जोड़कर खबर को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश की जाती है। यही कारण है कि पाठकों से अपील की जा रही है कि संवेदनशील खबरों में साझा करने से पहले स्रोत की पुष्टि करें।
निष्कर्ष:
अजित पवार के निधन और उस पर बॉलीवुड शोक संदेशों का दावा फैक्ट-चेक में गलत पाया गया है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि के बिना ऐसी खबरों को आगे बढ़ाना न केवल भ्रामक है, बल्कि सार्वजनिक विश्वास को भी नुकसान पहुंचाता है।