Paneer Purity: कहीं आपकी थाली में नकली पनीर तो नहीं? इन आसान घरेलू तरीकों से तुरंत करें पहचान

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दूध से बनने वाला पनीर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। सब्ज़ियों से लेकर पराठों और बच्चों के टिफिन तक, पनीर हर घर में इस्तेमाल होता है। लेकिन बढ़ती मांग के साथ बाजार में मिलावटी और नकली पनीर भी तेजी से फैल रहा है, जो देखने में भले ही असली जैसा लगे, लेकिन सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे पनीर में अक्सर स्टार्च, केमिकल या सिंथेटिक दूध का इस्तेमाल किया जाता है, जिसका लंबे समय तक सेवन पेट की गड़बड़ी, एलर्जी और अन्य बीमारियों की वजह बन सकता है। राहत की बात यह है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों से आप मिनटों में पनीर की शुद्धता परख सकते हैं।

सबसे सरल तरीका उबालकर जांच करना है। पनीर के कुछ टुकड़ों को पानी में डालकर कुछ मिनट उबालें और पानी ठंडा होने दें। अगर इसके बाद पनीर का रंग नीला पड़ जाए, तो यह मिलावट का संकेत है, जबकि शुद्ध पनीर का रंग जस का तस रहता है। इसी तरह आयोडीन टेस्ट भी कारगर है। पनीर के छोटे टुकड़े पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालें, अगर रंग नीला या काला हो जाए तो समझ लें कि उसमें स्टार्च मिला है। असली पनीर पर आयोडीन का कोई असर नहीं होता।

पनीर को हाथ से मसलकर भी फर्क समझा जा सकता है। असली पनीर उंगलियों से दबाने पर आसानी से टूट जाता है और मुलायम लगता है, जबकि नकली पनीर रबर जैसा महसूस होता है और खिंचने लगता है। गर्म करने पर भी दोनों का व्यवहार अलग होता है। तवे पर हल्का गर्म करने पर नकली पनीर जल्दी सख्त हो जाता है और चबाने में कठिन लगता है, वहीं असली पनीर अपनी नरमी बनाए रखता है। स्वाद और खुशबू भी पहचान में मदद करते हैं। शुद्ध पनीर में हल्की दूधिया खुशबू और सादा स्वाद होता है, जबकि मिलावटी पनीर में केमिकल जैसी गंध या अजीब स्वाद महसूस हो सकता है।

अगर आप रोज़ाना पनीर खाते हैं या बच्चों के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो इन घरेलू तरीकों से उसकी शुद्धता जरूर जांचें। थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य घरेलू अनुभवों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या संदेह की स्थिति में विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।)

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