भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार को विशाखापट्टनम में खेला जाना है, लेकिन इस मैच की अहमियत स्कोरलाइन से ज्यादा टीम मैनेजमेंट के फैसलों को लेकर है। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, ऐसे में यह मुकाबला प्रयोगों की प्रयोगशाला बनता दिख रहा है। सवाल वही है, जिस पर हर नजर टिकी है—क्या संजू सैमसन को ओपनिंग में एक और मौका मिलेगा या टीम इंडिया अब बदलाव के मूड में है?
अब तक की तीन पारियों में संजू सैमसन का बल्ला पूरी तरह खामोश रहा है। 10, 6 और 0 के स्कोर ने उनकी ओपनिंग भूमिका पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खासकर इनस्विंग गेंदों के सामने उनकी परेशानी साफ दिखी है। सीरीज जीतने के बाद भी टीम मैनेजमेंट अगर उन्हें फिर से ओपनिंग में उतारता है, तो यह भरोसे का मजबूत संकेत होगा। लेकिन अगर बदलाव हुआ, तो यह साफ संदेश होगा कि भारत अब टी20 वर्ल्ड कप से पहले परफेक्ट कॉम्बिनेशन तलाशने में जुट गया है।
चौथे टी20 में भारत कुछ खिलाड़ियों को आराम दे सकता है। अक्षर पटेल की वापसी की पूरी संभावना है। पहले मैच में फील्डिंग के दौरान चोटिल होने के बाद वह अब पूरी तरह फिट नजर आ रहे हैं और नेट्स में बल्लेबाजी व गेंदबाजी दोनों करते दिखे। ऐसे में हार्दिक पंड्या को रेस्ट दिया जा सकता है, जिन्होंने अब तक तीनों मुकाबले खेले हैं।
गेंदबाजी विभाग में भी फेरबदल के संकेत हैं। वरुण चक्रवर्ती और अर्शदीप सिंह की वापसी हो सकती है, जबकि वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए जसप्रीत बुमराह को आराम दिया जा सकता है। उनकी जगह हर्षित राणा को मौका मिलने की चर्चा तेज है। साफ है कि भारत इस मुकाबले को जीत से ज्यादा बेंच स्ट्रेंथ परखने के तौर पर देख रहा है।
न्यूजीलैंड के लिए हालात कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हैं। लगातार तीन हार के बाद टीम का आत्मविश्वास डगमगाया हुआ है। बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखरा नजर आया है और अब बदलाव लगभग तय माने जा रहे हैं। डैरिल मिचेल फिलहाल सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज दिखे हैं और उन्हें ऊपर भेजने पर विचार हो सकता है। डेवोन कॉनवे की खराब फॉर्म भी टीम के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
गेंदबाजी में भी कीवी टीम बदलाव कर सकती है, जहां लॉकी फर्ग्यूसन की जगह जैकब डफी या काइल जैमीसन को मौका मिलने की संभावना है। कुल मिलाकर न्यूजीलैंड के लिए यह मुकाबला सिर्फ सम्मान बचाने का नहीं, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले सही दिशा तलाशने का भी है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि सीरीज जीतने के बाद भारत कितनी आक्रामकता से प्रयोग करता है और क्या संजू सैमसन को ओपनिंग में आखिरी मौका मिलता है या टीम इंडिया नए विकल्पों की ओर कदम बढ़ा देती है।