मारुति सुजुकी की रफ्तार बरकरार: तीसरी तिमाही में मुनाफा 4% बढ़ा, रेवेन्यू ₹49,891 करोड़ के पार

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देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर–दिसंबर तिमाही में स्थिर लेकिन मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की कुल आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जबकि मुनाफे में भी बढ़ोतरी बरकरार रही। तीसरी तिमाही में मारुति सुजुकी का शुद्ध मुनाफा 4 प्रतिशत बढ़कर ₹3,794 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹3,659 करोड़ था। बढ़ती बिक्री और मजबूत डिमांड के बावजूद इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्चों के बीच कंपनी ने मुनाफे की रफ्तार बनाए रखी।

रेवेन्यू के मोर्चे पर मारुति सुजुकी ने इस तिमाही में बड़ा आंकड़ा छुआ। कंपनी की कुल कमाई सालाना आधार पर 29 प्रतिशत बढ़कर ₹49,891 करोड़ रही, जबकि एक साल पहले यह ₹38,752 करोड़ थी। प्रोडक्ट्स और सर्विसेज की मजबूत बिक्री ने कंपनी की टॉपलाइन को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

बिक्री के आंकड़ों की बात करें तो अक्टूबर से दिसंबर के बीच मारुति सुजुकी ने कुल 6.67 लाख गाड़ियां बेचीं, जो पिछले साल की तुलना में करीब 18 प्रतिशत ज्यादा है। घरेलू बाजार में कंपनी की पकड़ और मजबूत होती दिखी, जहां 5.64 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री हुई। वहीं एक्सपोर्ट में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त दर्ज की गई और 1.03 लाख गाड़ियां विदेशी बाजारों में भेजी गईं। कुल बिक्री में घरेलू बाजार की हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत रही, जो मारुति की भारत में मजबूत स्थिति को दर्शाती है।

सेगमेंट के हिसाब से देखें तो मिनी और कॉम्पैक्ट कारें एक बार फिर कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरीं। इस श्रेणी में 2.63 लाख से ज्यादा गाड़ियों की बिक्री हुई, जो कुल घरेलू बिक्री का लगभग आधा हिस्सा है। इसके अलावा यूटिलिटी व्हीकल्स की मांग भी मजबूत बनी रही और इस सेगमेंट में करीब 2.24 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई। वैन और लाइट कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट ने भी कंपनी के कुल आंकड़ों को सहारा दिया।

शेयर बाजार में हालांकि नतीजों के दिन मारुति सुजुकी के शेयर में हल्की गिरावट देखने को मिली और यह करीब 1.9 प्रतिशत टूटकर ₹14,951 के आसपास कारोबार करता दिखा। बावजूद इसके, लंबी अवधि में कंपनी के शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। पिछले एक साल में मारुति का शेयर करीब 23 प्रतिशत चढ़ चुका है और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹4.7 लाख करोड़ के स्तर पर बना हुआ है।

चार दशक पहले मारुति 800 के साथ भारतीय मिडिल क्लास को कार का सपना दिखाने वाली मारुति सुजुकी आज भी देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर की रीढ़ बनी हुई है। तीसरी तिमाही के नतीजे साफ संकेत देते हैं कि बदलते बाजार और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भी मारुति सुजुकी अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू और व्यापक पोर्टफोलियो के दम पर स्थिर ग्रोथ की राह पर आगे बढ़ रही है।

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