लगातार तीन कारोबारी दिनों की तेज गिरावट के बाद आज 3 फरवरी को सोना-चांदी बाजार में जबरदस्त वापसी देखने को मिली। वायदा बाजार में चांदी के दाम करीब 17 हजार रुपये उछल गए और एक किलो चांदी का भाव 2.53 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले बीते तीन दिनों में चांदी की कीमत करीब 1.60 लाख रुपये टूट चुकी थी, जहां यह 4 लाख के आसपास के ऊंचे स्तर से फिसलकर करीब 2.40 लाख रुपये तक आ गई थी। अचानक आई इस तेजी ने निवेशकों और कारोबारियों—दोनों को चौंका दिया है।
सोने में भी आज मजबूती दिखी। वायदा बाजार में 10 ग्राम सोने के दाम करीब 5 हजार रुपये चढ़कर 1.45 लाख रुपये पर आ गए। इससे पहले तीन कारोबारी सत्रों में सोना करीब 26 हजार रुपये तक गिर चुका था। बाजार में आई यह रिकवरी ऐसे समय पर हुई है, जब हालिया गिरावट के पीछे मुनाफावसूली और ऊंचे भाव पर कमजोर मांग जैसे कारण हावी रहे थे।
फिजिकल यानी सर्राफा बाजार की बात करें तो वहां चांदी लगभग 2,59,500 रुपये प्रति किलो के भाव पर कारोबार करती नजर आई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, इससे एक दिन पहले चांदी 6,251 रुपये तक टूटी थी। वहीं 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,48,746 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। बीते कुछ दिनों में रिकॉर्ड स्तरों के बाद आई मुनाफावसूली ने सोने-चांदी दोनों पर दबाव बनाया था, लेकिन आज की तेजी ने बाजार का मूड बदल दिया।
अक्सर निवेशकों के मन में यह सवाल रहता है कि वायदा बाजार और सर्राफा बाजार के दामों में फर्क क्यों होता है। वायदा बाजार यानी MCX एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म है, जहां हर सेकंड खरीद-बिक्री की बोलियां लगती हैं और भाव तेजी से बदलते हैं। इसके उलट सर्राफा बाजार में फिजिकल सोना-चांदी खरीदी जाती है, जिसमें ढुलाई, भंडारण और अन्य खर्च जुड़ जाते हैं, इसलिए दोनों जगह कीमतें अलग दिखती हैं।
हालिया गिरावट की एक बड़ी वजह यह भी रही कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मार्जिन नियम सख्त किए गए। सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज ने सोने और चांदी पर मार्जिन बढ़ा दिया है। सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% और चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है। मार्जिन बढ़ने का मतलब है कि ट्रेडर्स को अब पहले से ज्यादा पैसा लगाना होगा। जिनके पास अतिरिक्त फंड नहीं होता, वे मजबूरी में अपनी पोजिशन बेचते हैं और जब एक साथ बिकवाली बढ़ती है, तो कीमतों पर दबाव आ जाता है।
अब जबकि तीन दिन की गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी आई है, बाजार की नजर आगे की चाल पर टिकी है। निवेशकों के लिए यह दौर सतर्कता का है—जहां उतार-चढ़ाव तेज हैं और खबरों का असर सीधे भाव पर पड़ रहा है।