आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में देर रात तक जागना लगभग सामान्य व्यवहार बन चुका है। कोई मोबाइल पर लगातार स्क्रॉल करता रहता है, कोई ओटीटी पर अगला एपिसोड देखे बिना सोने का नाम नहीं लेता, तो किसी की मजबूरी नाइट शिफ्ट होती है। लेकिन जो आदत बाहर से मामूली लगती है, वह भीतर ही भीतर दिल की सेहत पर गहरा असर डाल सकती है। हेल्थ एक्सपर्ट्स लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि नींद का बिगड़ा हुआ पैटर्न सीधे हार्ट हेल्थ से जुड़ा हुआ है और लंबे समय तक इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
असल में नींद वह समय होता है, जब दिल को भी आराम और रिकवरी का मौका मिलता है। गहरी नींद के दौरान हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर रहते हैं, जिससे दिल पर दबाव कम होता है। लेकिन जब रोज़ देर रात तक जागने की आदत बन जाती है, तो शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता। नतीजा यह होता है कि दिल को लगातार अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जो धीरे-धीरे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है।
देर से सोने का असर सिर्फ थकान तक सीमित नहीं रहता। यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को बढ़ा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर लंबे समय तक हाई बना रह सकता है। इसके साथ ही खराब कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का स्तर बढ़ने लगता है, जो दिल की नसों में ब्लॉकेज का कारण बन सकता है। यही वजह है कि नींद की कमी को आज हार्ट डिज़ीज़ का एक बड़ा रिस्क फैक्टर माना जा रहा है।
कम नींद लेने वालों में मोटापा और डायबिटीज का खतरा भी ज्यादा देखा गया है। नींद पूरी न होने पर भूख से जुड़े हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं, जिससे देर रात कुछ न कुछ खाने की तलब लगती है। जंक फूड और मीठी चीज़ों की ओर झुकाव बढ़ता है, जो वजन बढ़ाने और ब्लड शुगर बिगाड़ने का रास्ता खोल देता है। मोटापा और डायबिटीज दोनों ही दिल की बीमारियों को न्योता देने वाले बड़े कारण हैं।
एक और गंभीर असर शरीर की सर्कैडियन रिदम पर पड़ता है। लगातार देर से सोने पर यह प्राकृतिक जैविक घड़ी गड़बड़ा जाती है, जिससे दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है। मेडिकल भाषा में इसे एरिदमिया कहा जाता है, जो कई मामलों में खतरनाक साबित हो सकता है और अचानक हार्ट प्रॉब्लम की वजह बन सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक वयस्क व्यक्ति को रोज़ाना 7 से 8 घंटे की गहरी और नियमित नींद बेहद जरूरी है। सिर्फ घंटों की संख्या ही नहीं, बल्कि समय पर सोना और रोज़ एक तय समय पर उठना भी उतना ही अहम है। अगर आप देर रात तक जागने के आदी हैं, तो सोने का समय एकदम से नहीं, बल्कि धीरे-धीरे सुधारें। सोने से पहले मोबाइल और लैपटॉप से दूरी बनाएं, हल्की वॉक करें, कैफीन से बचें और दिमाग को शांत करने की कोशिश करें। ये छोटी-छोटी आदतें मिलकर दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी उपाय या बदलाव को अपनाने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।