एलोवेरा आयुर्वेद में सदियों से इस्तेमाल हो रहा वह पौधा है, जो त्वचा की देखभाल से लेकर पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने तक में काम आता है। यही वजह है कि आज यह सिर्फ दवा या कॉस्मेटिक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि घरों की बालकनी, छत और आंगन में भी अपनी जगह बना रहा है। अच्छी खबर यह है कि एलोवेरा उगाने के लिए न तो ज्यादा मेहनत चाहिए और न ही रोज़-रोज़ देखभाल। थोड़ी-सी समझदारी और सही तरीका अपनाया जाए, तो यह पौधा घर में बहुत आसानी से पनप जाता है।
घर में एलोवेरा लगाने की शुरुआत सही गमले और जगह के चुनाव से होती है। ऐसा गमला लें जिसके नीचे पानी निकलने का छेद हो, ताकि जड़ों में पानी जमा न रहे। एलोवेरा को दिन में करीब चार से पांच घंटे की धूप पसंद होती है, इसलिए गमले को ऐसी जगह रखें जहां हल्की-सी धूप आती हो। बहुत तेज़ धूप में रखने से पत्ते झुलस सकते हैं और पूरी छांव में रखने से बढ़वार धीमी हो जाती है।
मिट्टी का मिश्रण एलोवेरा की सेहत में सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसे हल्की और अच्छी ड्रेनेज वाली मिट्टी पसंद है। बगीचे की सामान्य मिट्टी में थोड़ी रेत और गोबर की खाद या वर्मीकंपोस्ट मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इससे मिट्टी में हवा का संचार बना रहता है और जड़ें मजबूत होती हैं।
पौधा लगाने के लिए एलोवेरा के छोटे पौधे, जिन्हें पप्स कहा जाता है, मुख्य पौधे से अलग करें। इन्हें मिट्टी में हल्के से दबाकर लगाएं और ध्यान रखें कि जड़ें पूरी तरह मिट्टी में हों, जबकि पत्तों का ऊपरी हिस्सा खुला रहे। लगाने के बाद तुरंत ज्यादा पानी न दें; बस हल्की नमी काफी होती है।
पानी देने के मामले में एलोवेरा थोड़ा नखरीला होता है। इसे जरूरत से ज्यादा पानी बिल्कुल पसंद नहीं। हफ्ते में एक या दो बार पानी देना पर्याप्त होता है, वह भी तब जब मिट्टी पूरी तरह सूख जाए। लगातार गीली मिट्टी जड़ों को सड़ा सकती है, जिससे पौधा खराब होने लगता है।
देखभाल की बात करें तो हर दो-तीन महीने में थोड़ी-सी खाद डालना काफी है। सूखे या पीले पड़ चुके पत्तों को समय-समय पर काटते रहें, इससे पौधे की ऊर्जा नई पत्तियों के विकास में लगती है। सर्दियों में बहुत ठंड पड़ती हो तो पौधे को खुले में रखने से बचाएं।
अगर आप कुछ आम गलतियों से बचें—जैसे बिना ड्रेनेज वाला गमला इस्तेमाल करना, जरूरत से ज्यादा पानी देना या कड़ाके की ठंड में पौधे को खुले में छोड़ देना—तो एलोवेरा सालों तक हरा-भरा रहता है। थोड़ी-सी देखभाल के बदले यह पौधा आपको सेहत और सुंदरता, दोनों का फायदा देता है।