विमेंस प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल क्रिकेट इतिहास के उन लम्हों में दर्ज हो गया, जहां जज़्बा स्कोरकार्ड से बड़ा दिखा। स्मृति मंधाना ने गंभीर तबीयत के बावजूद मैदान पर उतरकर वह कर दिखाया, जो चैंपियंस करते हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला की कप्तान मंधाना ने दिल्ली कैपिटल्स महिला के खिलाफ फाइनल में 41 गेंदों पर 87 रनों की तूफानी पारी खेली और टीम को 204 रनों का बड़ा लक्ष्य हासिल कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। इस जीत के साथ आरसीबी ने दूसरी बार विमेंस प्रीमियर लीग की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
मैच में मंधाना ने जॉर्जिया वोल के साथ दूसरे विकेट के लिए 165 रनों की साझेदारी कर दिल्ली के गेंदबाजों की कमर तोड़ दी। वोल ने भी 79 रनों की आक्रामक पारी खेली और दोनों ने मिलकर फाइनल को आरसीबी के पक्ष में मोड़ दिया। हालांकि दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद मुकाबला आखिरी ओवर तक खिंच गया, लेकिन आरसीबी का संयम आखिरकार काम आया।
इस ऐतिहासिक जीत की सबसे चौंकाने वाली परत मैच से एक रात पहले खुली। आरसीबी के कोच मलोलन रंगराजन ने बताया कि फाइनल से ठीक पहले मंधाना 103 डिग्री बुखार से जूझ रही थीं। बावजूद इसके उन्होंने बिना किसी शिकायत के खुद को फिट रखने की हर संभव कोशिश की और टीम के लिए मैदान पर उतरने का फैसला किया। कोच ने उनके समर्पण की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि पर्दे के पीछे मंधाना ने असाधारण मेहनत की, जिसका असर मैदान पर साफ दिखा।
आखिरी ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 10 रन चाहिए थे। क्रीज पर राधा यादव और नादिन डी क्लार्क मौजूद थीं। राधा यादव ने तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो चौके जड़कर टीम को यादगार जीत दिला दी। इस सीजन मंधाना का बल्ला पूरे रंग में रहा। उन्होंने 9 मैचों में 377 रन बनाए, औसत 53.86 और स्ट्राइक रेट 153.25 रहा, जिससे वह टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी बनीं।
जीत के बाद मंधाना भावुक दिखीं। उन्होंने बेंगलुरु के फैंस का दिल से आभार जताते हुए कहा कि टीम को हर मैदान पर जो समर्थन मिलता है, वही उनकी असली ताकत है और यह ट्रॉफी उन्हीं के नाम है। खास बात यह भी रही कि सीजन शुरू होने से पहले एलीस पेरी निजी कारणों से बाहर हो गई थीं, इसके बावजूद आरसीबी ने एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन किया और खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।