छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तीन दुकानों से करीब सात लाख रुपये की चोरी करने वाले शातिर अपराधी को आखिरकार पुलिस ने पकड़ लिया है। आरोपी की पहचान लोकेश श्रीवास उर्फ गोलू के रूप में हुई है, जिसका आपराधिक रिकॉर्ड इतना लंबा है कि पुलिस फाइलें भी छोटी पड़ जाएं। वारदात के बाद वह नागपुर और दिल्ली तक फरार रहा, लेकिन रायपुर लौटते ही उसकी चालाकी धरी रह गई। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने की है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने ऐसा बयान दिया जिसने जांच टीम को भी चौंका दिया। लोकेश ने कहा कि उसकी ख्वाहिश है कि वह “सोने की कैंची से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल काटे।” पुलिस के मुताबिक यह बयान उसकी मानसिक सनक और अपराधी प्रवृत्ति की झलक देता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि आरोपी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना सहित कई राज्यों में वांटेड है और अब तक करीब 40 करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी कर चुका है।
मामले की शुरुआत 31 जनवरी और 1 फरवरी की दरम्यानी रात से होती है, जब पंडरी इलाके में स्थित ‘लब-डब’ कपड़ों की दुकान, पास की नोवा फर्नीचर शॉप और एक डिजाइनर सैनिटेशन–हार्डवेयर दुकान में ताले तोड़कर नकदी उड़ाई गई। अलग-अलग दुकानों से 2.75 लाख, 1.40 लाख और 2.85 लाख रुपये चोरी हुए, जिससे कुल रकम करीब सात लाख तक पहुंच गई। दुकानदार शिव कुमार वर्मा की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज हुआ।
पुलिस ने घटनास्थलों के CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और आरोपी की पहचान सुनिश्चित की। पूछताछ में लोकेश ने वारदात कबूल की। उसके पास से 79,500 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। उसने मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी चोरी करना स्वीकार किया है।
लोकेश श्रीवास का आपराधिक इतिहास कई राज्यों में फैला हुआ है। दिल्ली, तेलंगाना, यूपी, राजनांदगांव और दुर्ग में ज्वेलरी शॉप्स और शोरूम्स में करोड़ों की चोरी के आरोप उस पर दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि वह दो दर्जन से ज्यादा बड़ी वारदातों में शामिल रहा है। इतना ही नहीं, वह रायगढ़ जेल से ब्रेक कर भाग चुका है—यह तथ्य उसकी खतरनाक प्रोफाइल को और गंभीर बनाता है।
कवर्धा निवासी लोकेश ने पहली चोरी 2011 में भिलाई की संगम डेयरी में की थी। इसके बाद 2018 में भिलाई के पारख ज्वेलर्स में बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अब रायपुर पुलिस उससे जुड़े नेटवर्क और अन्य मामलों की परतें खोलने में जुटी है। फिलहाल आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए पेश किया जा रहा है।