दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में शामिल Apple में आने वाले समय में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। एपल के मौजूदा सीईओ टिम कुक ने हाल ही में कंपनी के भीतर यह संकेत दिए हैं कि वे उत्तराधिकार की तैयारी अभी से कर रहे हैं। भले ही उन्होंने अपने रिटायरमेंट की कोई तय तारीख नहीं बताई हो, लेकिन उनकी बातों से साफ झलकता है कि अगले 5 से 15 वर्षों में एपल को कौन लीड करेगा, इस पर गंभीर मंथन शुरू हो चुका है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, टिम कुक ने एक इंटरनल मीटिंग में कहा कि वे अक्सर इस बारे में सोचते हैं कि भविष्य में एपल की कमान किसके हाथों में होगी। करीब 15 साल से सीईओ की कुर्सी संभाल रहे कुक का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि जब भी नेतृत्व बदले, तो वह अचानक नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग और तैयारी के साथ हो। कुक का मानना है कि किसी भी बड़ी कंपनी के लिए सशक्त लीडरशिप ट्रांजिशन उतना ही जरूरी होता है जितना नई टेक्नोलॉजी में निवेश।
हाल के महीनों में एपल के कुछ सीनियर एग्जीक्यूटिव्स के इस्तीफों को लेकर उठे सवालों पर भी कुक ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ये बदलाव अचानक नहीं, बल्कि पहले से तय उत्तराधिकार योजना का हिस्सा हैं। उनके मुताबिक पुराने लीडर्स का रिटायर होना और नए चेहरों का आगे आना किसी भी ग्लोबल कंपनी के लिए सामान्य प्रक्रिया है, बशर्ते इसके लिए पहले से तैयारी की गई हो।
टिम कुक ने इस दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भी एपल के भविष्य का सबसे बड़ा मौका बताया। उनका कहना है कि AI आने वाले सालों में टेक इंडस्ट्री की दिशा तय करेगा और एपल अपने यूजर्स को इसका सबसे सुरक्षित और उपयोगी अनुभव देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि कंपनी दुनिया भर से टॉप टैलेंट को जोड़ने की रणनीति पर काम करती रहेगी।
टिम कुक का एपल सफर खुद में एक मिसाल है। 1998 में स्टीव जॉब्स के बुलावे पर कंपनी से जुड़े कुक ने सप्लाई चेन में क्रांतिकारी बदलाव किए और एपल को आर्थिक संकट से निकालकर मुनाफे की राह पर लाया। 2011 में सीईओ बनने के बाद उनके नेतृत्व में एपल दुनिया की पहली 3 ट्रिलियन डॉलर वैल्यू वाली कंपनी बनी। एपल वॉच, एयरपॉड्स, भारत में एपल स्टोर्स और लगातार बढ़ती मार्केट वैल्यू—ये सब कुक की रणनीति का नतीजा रहे हैं।
अब सवाल यह है कि टिम कुक के बाद एपल की कमान कौन संभालेगा। रिपोर्ट्स और एनालिस्ट्स के अनुसार तीन नाम इस रेस में सबसे आगे माने जा रहे हैं। सबसे मजबूत दावेदार जॉन टर्नस हैं, जो फिलहाल एपल में हार्डवेयर इंजीनियरिंग का नेतृत्व कर रहे हैं। आईफोन और आईपैड जैसे कोर प्रोडक्ट्स में उनकी बड़ी भूमिका रही है और 50 साल की उम्र उन्हें लंबी पारी खेलने का मौका देती है।
दूसरा अहम नाम भारतीय मूल के सबीह खान का है, जिन्हें जुलाई 2025 में एपल का नया COO बनाया गया। कंपनी के रोजमर्रा के ऑपरेशंस अब उनकी देखरेख में हैं, जो उन्हें स्वाभाविक रूप से सीईओ रेस में मजबूत बनाता है। इनके अलावा सॉफ्टवेयर हेड क्रेग फेडेरिघी और रिटेल प्रमुख डिएड्रे ओब्रायन के नाम भी चर्चा में हैं।
कुल मिलाकर, टिम कुक भले ही फिलहाल कहीं नहीं जा रहे हों, लेकिन एपल के भीतर यह साफ हो चुका है कि अगली पीढ़ी के नेतृत्व की नींव रखी जा चुकी है। जैसे-जैसे एपल अपनी 50वीं सालगिरह के करीब पहुंच रहा है, दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि टिम कुक के बाद वह कौन होगा, जो इस टेक दिग्गज को अगले दौर की ऊंचाइयों तक ले जाएगा।