AI का सिनेमाई जादू: 80% कम लागत में बन रही हैं फिल्में और वेब सीरीज, ‘महाभारत’ के बाद ‘क्रिटर्ज’ की तैयारी

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भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां कैमरा, सेट और भारी-भरकम प्रोडक्शन टीम की जगह अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से ले रही है। हाल ही में Jio Hotstar पर रिलीज हुई पहली AI-जनरेटेड वेब सीरीज महाभारत: एक धर्मयुद्ध ने इस बदलाव की झलक सबको दिखा दी। स्टार प्लस पर भी प्रसारित हो चुके इस शो के अब तक 15 एपिसोड आ चुके हैं और मेकर्स 100 एपिसोड तक जाने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉन्च के पहले ही दिन करीब 65 लाख दर्शकों ने इसे देखा। भले ही रिव्यू मिले-जुले रहे हों, लेकिन इस सीरीज ने यह साफ कर दिया कि AI अब सिर्फ प्रयोग नहीं, बल्कि एक नया ट्रेंड बन चुका है।

इस ट्रेंड की सबसे बड़ी वजह है लागत में भारी कटौती। बालाजी टेलीफिल्म्स में AI प्रमुख चेतन हंसराज का कहना है कि AI के इस्तेमाल से एक एपिसोड की लागत करीब 80% तक घटाई जा सकती है। जहां पहले एक एपिसोड बनाने में करोड़ों खर्च होते थे, वहीं अब वही काम कहीं कम बजट में संभव हो रहा है। इसी वजह से OTT प्लेटफॉर्म्स और प्रोडक्शन हाउस तेजी से पूरी तरह AI-जनरेटेड फिल्मों और वेब सीरीज की ओर बढ़ रहे हैं।

इसी कड़ी में नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक राजेश मापुस्कर की फिल्म ‘चिरंजीवी हनुमान: द इटरनल’ को भारत की पहली पूरी तरह AI-जनरेटेड थिएट्रिकल फिल्म माना जा रहा है। माना जा रहा है कि ‘महाभारत’ के बाद अब ‘क्रिटर्ज’ जैसे ओरिजिनल AI यूनिवर्स पर भी काम शुरू हो चुका है, जहां किरदार, लोकेशन और एक्शन—सब कुछ एल्गोरिदम की मदद से रचा जाएगा।

AI का यह असर सिर्फ OTT और फिल्मों तक सीमित नहीं है। सोशल मीडिया पर AI-जनरेटेड कंटेंट की मानो बाढ़ आ गई है। इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स इस नए कंटेंट के सबसे बड़े मंच बन चुके हैं। यूट्यूब का ‘बंदर अपना दोस्त’ चैनल इसका बड़ा उदाहरण है, जिसने नवंबर 2025 में 2.07 अरब व्यूज हासिल किए थे और अब यह आंकड़ा 2.65 अरब के पार पहुंच चुका है। सैन फ्रांसिस्को बेस्ड प्लेटफॉर्म Kapwing की रिपोर्ट के मुताबिक, इस चैनल की अनुमानित सालाना कमाई करीब 38.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इतना ही नहीं, हॉलीवुड किरदारों के देसी AI अवतार भी सोशल मीडिया पर धूम मचा रहे हैं। मार्वल का मशहूर किरदार Hulk, थैनोस और आयरन मैन के साथ AI रील्स में मुंबई नगर निगम चुनावों के संदर्भ में ‘नेताजी’ के रूप में दिखाया गया, जिसे लाखों बार देखा गया। यह बताता है कि AI अब सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि पॉप कल्चर का हिस्सा बन चुका है।

कुल मिलाकर, AI ने एंटरटेनमेंट की परिभाषा ही बदलनी शुरू कर दी है। कम बजट, तेज प्रोडक्शन और अनलिमिटेड क्रिएटिविटी—इन तीनों के मेल ने फिल्म और वेब सीरीज की दुनिया में एक नया अध्याय खोल दिया है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इंसानी कल्पना और मशीन की ताकत मिलकर सिनेमा को किस दिशा में ले जाती है।

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