छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके अंबेडकर चौक में मंगलवार तड़के लगी भीषण आग ने शहर को झकझोर दिया। भोर के सन्नाटे में फर्नीचर की एक दुकान से उठी लपटें देखते ही देखते आसपास की दुकानों में फैल गईं और महज कुछ घंटों में 8 प्रतिष्ठान जलकर राख हो गए। शुरुआती आकलन में करीब 1.25 से 1.50 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आ रही है, जबकि फायर ब्रिगेड की देरी को लेकर व्यापारियों में गहरा आक्रोश है।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे एक फर्नीचर दुकान में शॉर्ट सर्किट हुआ। भीतर मौजूद प्लास्टिक, फोम और लकड़ी के सामान ने आग को तेजी से भड़का दिया। कुछ ही मिनटों में आग पास की ऑटो पार्ट्स, ई-रिक्शा स्टोर, डेकोरेशन शॉप और मारुति इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य दुकानों तक जा पहुंची। तेज लपटों और धुएं ने पूरे चौक को घेर लिया, जिससे हालात बेकाबू हो गए।
करीब साढ़े चार बजे एक राहगीर ने दुकान संचालक राकेश अग्रवाल को फोन कर आग की सूचना दी। इसके बाद फायर ब्रिगेड, कंट्रोल रूम और डायल-112 को तत्काल जानकारी दी गई, लेकिन पहली दमकल गाड़ी करीब एक घंटे बाद पहुंची। मौके पर आई दूसरी गाड़ी में तकनीकी खराबी सामने आई, जिससे आग बुझाने में और देरी हुई और नुकसान बढ़ता चला गया।
इस बीच आग की लपटें पास की नाश्ते की दुकान तक पहुंच गईं, जहां छोटे गैस सिलेंडर में विस्फोट हो गया और दुकान पूरी तरह जल गई। कुछ देर बाद आग पीछे स्थित फर्नीचर फैक्ट्री तक फैल गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। हालात बिगड़ते देख दरिमा एयरपोर्ट की फायर टीम को बुलाया गया, जिसने करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक अधिकांश दुकानों में रखा सामान जल चुका था।
दुकानदारों का कहना है कि अगर दमकल समय पर पहुंच जाती तो नुकसान काफी हद तक रोका जा सकता था। राकेश अग्रवाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि देरी न होती तो नुकसान 20 फीसदी तक सीमित रह सकता था, लेकिन देर से पहुंची मदद ने लाखों का अतिरिक्त नुकसान करा दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को ही आग का कारण माना जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल जारी है।