केला दुनिया के सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में शामिल है—हर मौसम में आसानी से मिल जाता है और झटपट एनर्जी भी देता है। लेकिन इसे सिर्फ क्विक स्नैक्स समझना इसकी सेहतमंद ताकत को कम आंकना है। केला हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है, पाचन सुधारता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में भी मददगार है। इसमें फाइबर, पोटेशियम, विटामिन B6 और C भरपूर होते हैं, साथ ही एंटीऑक्सिडेंट्स और फाइटोन्यूट्रिएंट्स भी मिलते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अनु अग्रवाल बताती हैं कि केला लो-कैलोरी होते हुए भी हाई-न्यूट्रिएंट फल है। इसमें कार्बोहाइड्रेट्स ज्यादा हैं, लेकिन साथ में फाइबर और पानी भी होता है, इसलिए यह फैट बढ़ाए बिना इंस्टेंट एनर्जी देता है। रोज़ाना लगभग 100–120 ग्राम (एक मीडियम साइज केला) खाने से शरीर को जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स का अच्छा हिस्सा मिल जाता है।
केले की सबसे बड़ी खासियत इसका पोटेशियम है, जो ब्लड प्रेशर को बैलेंस रखने में मदद करता है। जब ब्लड वेसल्स सिकुड़ती हैं और हार्ट पर दबाव बढ़ता है, तब पोटेशियम सोडियम को संतुलित कर वेसल्स को रिलैक्स करता है। इसके साथ विटामिन B6 रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है और फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल घटाने में सहायक होता है—नतीजा, हार्ट हेल्थ को डबल सपोर्ट।
गट हेल्थ के लिहाज से भी केला कमाल का फल है। इसमें मौजूद सॉल्यूबल फाइबर पेक्टिन बाउल मूवमेंट को रेगुलेट करता है और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। खासतौर पर कच्चे या कम पके केले में रेजिस्टेंट स्टार्च होता है, जो प्रीबायोटिक की तरह काम करता है। यह गट माइक्रोबायोम को बैलेंस रखता है और न्यूट्रिएंट एब्जॉर्प्शन बेहतर बनाता है—कब्ज और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतों में भी राहत मिलती है।
रोज़ केला खाने से मिलने वाले फायदे सीधे महसूस होते हैं—एनर्जी बनी रहती है, पाचन दुरुस्त रहता है, ब्लड प्रेशर कंट्रोल में मदद मिलती है और इम्यूनिटी मजबूत होती है। मौसम बदलने पर जब पाचन सुस्त पड़ता है और संक्रमण का रिस्क बढ़ता है, तब केला पेट का जेंटल दोस्त साबित होता है।
डायबिटीज़ वालों के लिए भी केला पूरी तरह मना नहीं है। सीमित मात्रा में, खासकर थोड़ा कच्चा या कम पका केला लिया जाए तो इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम रहता है और फाइबर शुगर के एब्जॉर्प्शन को धीमा करता है। हालांकि एक बार में एक से ज्यादा केला न खाएं और ब्लड शुगर बहुत ज्यादा रहती हो तो डॉक्टर से सलाह लें।
सर्दियों में केला न खाने का डर सिर्फ मिथ है। सामान्य तौर पर सर्दियों में केला सुरक्षित और फायदेमंद है—विटामिन C इम्यूनिटी बढ़ाता है। हां, अगर पहले से सर्दी-खांसी हो तो मात्रा थोड़ी कम रखें क्योंकि कुछ लोगों में यह म्यूकस बढ़ा सकता है।
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए? जिनको किडनी की समस्या है, केले से एलर्जी है, माइग्रेन ट्रिगर होता है या डायबिटीज़ कंट्रोल में नहीं रहती—उन्हें मात्रा सीमित रखनी चाहिए। बहुत ज्यादा केला खाने से कुछ लोगों में ब्लोटिंग या पेट दर्द भी हो सकता है। संतुलन के साथ रोज़ एक केला अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित और फायदेमंद विकल्प है।