हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन अब उम्र की सीमा नहीं मानता। भागदौड़ भरी जिंदगी, लगातार तनाव, गलत खानपान और नींद की कमी ने युवाओं को भी इसकी चपेट में ला दिया है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि शुरुआत में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते और जब तक पता चलता है, तब तक बीपी खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका होता है। ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या दवाओं के बिना भी बीपी को काबू में रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों की मानें तो शुरुआती स्टेज या हल्के हाई बीपी के मामलों में लाइफस्टाइल में सही बदलाव और कुछ घरेलू उपाय काफी असर दिखा सकते हैं। अगर खानपान संतुलित हो, शरीर एक्टिव रहे और तनाव पर कंट्रोल रखा जाए, तो ब्लड प्रेशर को लंबे समय तक संतुलित बनाए रखना संभव है।
सबसे पहले बात आती है नमक की। ज्यादा नमक शरीर में पानी रोकता है, जिससे बीपी तेजी से बढ़ता है। रोज़मर्रा के खाने में नमक कम करना और पैकेज्ड फूड, अचार, नमकीन व फास्ट फूड से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। घर के खाने में सीमित मात्रा में नमक या सेंधा नमक बेहतर विकल्प हो सकता है।
डाइट में पोटैशियम का सही बैलेंस भी बीपी कंट्रोल में अहम भूमिका निभाता है। केला, नारियल पानी, पालक, चुकंदर, शकरकंद और दालें पोटैशियम से भरपूर होती हैं। ये शरीर से अतिरिक्त सोडियम को बाहर निकालने में मदद करती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है।
रोज़ाना थोड़ी-सी फिजिकल एक्टिविटी भी कमाल कर सकती है। तेज़ चलना, योग, साइक्लिंग या हल्की एक्सरसाइज से हार्ट मजबूत होता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है। खासतौर पर प्राणायाम और अनुलोम-विलोम जैसे योग अभ्यास हाई बीपी वालों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
तनाव हाई बीपी का सबसे बड़ा ट्रिगर है। लगातार टेंशन में रहने से बीपी अचानक बढ़ सकता है। मेडिटेशन, गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज, सुकून देने वाला म्यूजिक या अपनी पसंद की हॉबी अपनाने से तनाव कम होता है। साथ ही रोज़ 7–8 घंटे की अच्छी नींद बीपी को कंट्रोल में रखने के लिए बेहद जरूरी है।
वजन और ब्लड शुगर पर नियंत्रण भी उतना ही अहम है। बढ़ा हुआ वजन और अनियंत्रित शुगर हाई बीपी के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं। संतुलित आहार, तली-भुनी चीज़ों से परहेज और मीठे का सीमित सेवन वजन और बीपी—दोनों को काबू में रखने में मदद करता है।
घरेलू उपायों में लहसुन और आंवला भी काफी लोकप्रिय हैं। लहसुन को नेचुरल ब्लड प्रेशर कंट्रोलर माना जाता है, जबकि आंवला एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में इनका सेवन फायदेमंद हो सकता है, लेकिन किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना समझदारी है।
कुल मिलाकर, हाई बीपी को हल्के में लेना सही नहीं है। समय रहते लाइफस्टाइल सुधार और सही आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है—और यही सबसे सुरक्षित रास्ता भी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।