राज्य सेवा परीक्षा 2026 ने इस बार युवाओं के उत्साह की नई तस्वीर पेश की है। पदों की संख्या घटकर 155 रह जाने के बावजूद आवेदन करने वालों की संख्या 1 लाख 30 हजार के पार पहुंच गई है। आयोग के आंकड़ों के मुताबिक आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी की रात 12 बजे तक चली और अंतिम दिन ही 5 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरे। इससे साफ है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार आखिरी समय तक आवेदन करते रहे।
बीते कुछ वर्षों में आवेदनों की संख्या में गिरावट देखी जा रही थी, लेकिन इस बार हल्की वापसी ने प्रतियोगिता को और तीखा बना दिया है। वर्ष 2025 में 158 पदों के लिए लगभग 1.18 लाख आवेदन आए थे, जबकि इस साल सीटें थोड़ी कम होने के बावजूद करीब 12 हजार ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। इससे साफ है कि इस बार प्री परीक्षा में कटऑफ और मुकाबला दोनों ही कड़े रहने वाले हैं।
अगर पिछले वर्षों पर नजर डालें तो 2024 में 110 पदों के लिए 1.83 लाख आवेदन, 2023 में 229 पदों के लिए 2.30 लाख आवेदन, 2022 में 427 पदों पर 2.75 लाख और 2021 में 283 पदों के लिए 3 लाख से अधिक आवेदन आए थे। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बीच के वर्षों में गिरावट आई थी, लेकिन अब फिर से रुझान ऊपर की ओर जाता दिख रहा है।
ऑनलाइन आवेदन के दौरान सर्वर स्लो होने और फीस भुगतान में तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें भी सामने आईं, फिर भी कुल आवेदन संख्या 1.30 लाख तक पहुंच गई। अब प्री परीक्षा 26 अप्रैल को प्रस्तावित है, जिससे अभ्यर्थियों के पास तैयारी के लिए सीमित समय ही बचा है।
विलंब शुल्क को लेकर आयोग ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। तय समय सीमा के बाद पहले सात दिनों तक आवेदन करने पर 3 हजार रुपए अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसके बाद यह राशि सीधे 25 हजार रुपए तक पहुंच जाएगी। सामान्य फीस की तुलना में यह काफी अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि आयोग समयसीमा के पालन को गंभीरता से लागू करना चाहता है।
कुल मिलाकर, राज्य सेवा परीक्षा 2026 में बढ़ी हुई आवेदन संख्या यह बताती है कि प्रशासनिक सेवाओं के प्रति युवाओं का भरोसा कायम है। सीमित पदों और बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के कारण इस बार प्रतियोगिता पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।