भारत सरकार ने सरकारी रिफाइनरी कंपनियों को संकेत दिया है कि वे कच्चे तेल की खरीद में अमेरिका और वेनेजुएला को प्राथमिकता देने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार करें। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते के बाद यह रुख सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने समझौते की घोषणा के दौरान दावा किया था कि भारत रूसी तेल के आयात को पूरी तरह बंद करने पर सहमत हुआ है, हालांकि भारत सरकार ने इस दावे पर औपचारिक रूप से कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की है।
सूत्रों के अनुसार, कंपनियों से कहा गया है कि स्पॉट मार्केट से टेंडर के जरिए तेल खरीदते समय अमेरिकी क्रूड को प्राथमिकता दें। वेनेजुएला का तेल मुख्य रूप से प्राइवेट डील के जरिये मंगाने की तैयारी है। हाल ही में Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited जैसी सरकारी कंपनियों ने वेनेजुएला से लगभग 40 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा है। निजी क्षेत्र की Reliance Industries ने भी 2025 के मध्य के बाद वेनेजुएला से तेल की खेप मंगाई है।
भारत का आधिकारिक रुख यही रहा है कि ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और तेल स्रोतों में विविधता लाना रणनीति का हिस्सा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिकी तेल की ओर झुकाव आसान नहीं होगा। पहली चुनौती तकनीकी है—भारत की अधिकांश रिफाइनरियां ‘मीडियम’ या ‘हैवी-सौर’ क्रूड प्रोसेस करने के लिए अनुकूलित हैं, जबकि अमेरिकी तेल ‘लाइट-स्वीट’ होता है। दूसरी चुनौती लागत है—अमेरिका से लंबी दूरी और ऊंचा फ्रेट रेट इसे महंगा बना देता है।
फिर भी भारत अमेरिकी आयात को लगभग दोगुना कर प्रतिदिन 4 लाख बैरल तक ले जाने की संभावना देख रहा है, जो पिछले साल के 2.25 लाख बैरल प्रतिदिन से काफी ज्यादा होगा। यह कदम वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों, रूस के साथ संबंधों और अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर निर्भर करेगा।
वेनेजुएला के मामले में तस्वीर और जटिल है। Organization of the Petroleum Exporting Countries का सदस्य होने के बावजूद वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों का असर पड़ा है। 2019 के बाद भारत ने वहां से आयात रोक दिया था, लेकिन 2023-24 में प्रतिबंधों में ढील मिलने पर दोबारा खरीद शुरू हुई। 2025 में आयात मूल्य लगभग 1.41 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
कुल मिलाकर, यह बदलाव पूरी तरह रूस से दूरी का संकेत है या सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की रणनीति—इस पर अभी अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।