आज की तेज रफ्तार जिंदगी में अनियमित खानपान और जंक फूड की आदत ने शरीर के जरूरी पोषक तत्वों की कमी को आम बना दिया है। इन्हीं में से एक है आयरन की कमी, जिसे अक्सर लोग साधारण कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन सच यह है कि आयरन की कमी धीरे-धीरे गंभीर एनीमिया का रूप ले सकती है और पूरे शरीर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है।
आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। हीमोग्लोबिन ही वह तत्व है जो खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर के हर हिस्से तक पहुंचाता है। जब आयरन की मात्रा कम हो जाती है तो शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे थकान, चक्कर और सांस फूलने जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। डॉक्टरों के अनुसार महिलाएं, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं इस समस्या के अधिक जोखिम में रहती हैं।
आयरन की कमी का सबसे आम संकेत है बिना ज्यादा मेहनत किए भी लगातार थकान महसूस होना। अगर शरीर हमेशा सुस्त लगे और काम करने का मन न करे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा त्वचा का रंग पीला पड़ना, होंठों का फीका दिखना या आंखों के नीचे का हिस्सा हल्का पड़ना भी चेतावनी हो सकता है।
हल्की सी एक्सरसाइज या सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना इस बात का संकेत है कि शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई पर्याप्त नहीं है। अचानक बालों का ज्यादा झड़ना, बार-बार सिरदर्द या चक्कर आना और नाखूनों का कमजोर या चम्मच जैसे आकार का हो जाना भी आयरन की कमी से जुड़ा हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि समय रहते सही खानपान अपनाकर इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों का साग आयरन के बेहतरीन स्रोत हैं। दालें, चना, राजमा, मसूर और सोयाबीन को नियमित भोजन में शामिल करना फायदेमंद रहता है।
गुड़ को आयरन का पारंपरिक और असरदार स्रोत माना जाता है। चुकंदर भी खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक माना जाता है। फलों में अनार खासतौर पर हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है, जबकि सेब भी पोषण का अच्छा विकल्प है। जो लोग नॉन-वेज खाते हैं, उनके लिए अंडा, चिकन और लीवर आयरन की कमी पूरी करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
ध्यान रखने वाली बात यह है कि आयरन के साथ विटामिन-सी का सेवन भी जरूरी है, क्योंकि यह आयरन के अवशोषण में मदद करता है। इसलिए आयरन रिच फूड्स के साथ नींबू, आंवला या संतरा जैसे विकल्प लेना लाभकारी हो सकता है।
अगर लगातार कमजोरी या ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हों तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही समय पर पहचान और संतुलित आहार से आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है और बेहतर सेहत की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से दी गई है। किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या या उपचार से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।)