केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। Central Board of Secondary Education (CBSE) ने 13 फरवरी 2026 को आयोजित विशेष वेबकास्ट के जरिए कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को नई गाइडलाइंस से अवगत कराया। इस बार सबसे बड़ा बदलाव कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन से जुड़ा है।
कक्षा 12 में ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू
CBSE ने कक्षा 12 के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) लागू करने का फैसला किया है। हर साल करीब 18 लाख से अधिक छात्र 120 विषयों में परीक्षा देते हैं और एक करोड़ से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच होती है। अब कॉपियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर स्कैन कर मूल्यांकन किया जाएगा।
इस डिजिटल सिस्टम से कई फायदे होने की उम्मीद है। मूल्यांकन प्रक्रिया तेज होगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी। अधिक शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से कॉपियां जांच सकेंगे, जिससे परिणाम घोषित करने में लगने वाला समय घट सकता है। बोर्ड के अनुसार, मूल्यांकन अवधि 12 दिनों से घटकर लगभग 9 दिन रह सकती है। साथ ही कॉपियों के ट्रांसपोर्ट में लगने वाला समय और खर्च भी कम होगा।
हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परिणाम घोषित होने के बाद अंकों की अलग से वेरिफिकेशन सुविधा उपलब्ध नहीं होगी, क्योंकि डिजिटल सिस्टम में मूल्यांकन अधिक पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य रहेगा।
परीक्षा दिवस के लिए अहम निर्देश
CBSE ने छात्रों को परीक्षा के दिन समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। परीक्षा सुबह 10:30 बजे से शुरू होगी, लेकिन सभी छात्रों को सुबह 10:00 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। ट्रैफिक जाम, मार्ग परिवर्तन या अन्य बाधाओं को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने पहले से परीक्षा केंद्र का दौरा कर रास्ता समझ लेने की सलाह दी है।
परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की पहल
बोर्ड का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनाना है। डिजिटल मूल्यांकन से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित होगी।
CBSE Board Exam 2026 में यह बदलाव शिक्षा प्रणाली के डिजिटलीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब छात्रों और शिक्षकों दोनों को नई प्रणाली के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा।