एलोवेरा को सदियों से औषधीय पौधे के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेद में इसे ‘घृतकुमारी’ कहा जाता है, वहीं आधुनिक विज्ञान भी इसके कई गुणों को स्वीकार करता है। साल 2016 में ‘बायोसाइंस बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च कम्युनिकेशन’ में प्रकाशित एक अध्ययन में बताया गया कि एलोवेरा में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीवायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यही वजह है कि आजकल एलोवेरा जूस को नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में काफी लोकप्रियता मिल रही है।
लेकिन क्या इसे रोज पीना सुरक्षित है? कितनी मात्रा सही है? और किन लोगों को इससे बचना चाहिए? आइए विस्तार से समझते हैं।
एलोवेरा में क्या होता है खास?
यूएसडीए के अनुसार एलोवेरा में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा इसमें विटामिन C, कैल्शियम, सोडियम, एंटीऑक्सिडेंट्स और कई बायोएक्टिव कंपाउंड्स मौजूद होते हैं। पत्ते के अंदर मौजूद जेल से जूस तैयार किया जाता है, जिसे साफ करके प्रोसेस किया जाता है।
एलोवेरा जूस शरीर में क्या करता है?
यह पाचन तंत्र को सपोर्ट करता है, शरीर को हाइड्रेट रखता है और गट हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंजाइम्स पोषक तत्वों के अवशोषण को सुधारते हैं। हल्की कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।
एलोवेरा जूस के 11 प्रमुख फायदे
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शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद।
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पाचन क्रिया को बेहतर बनाना।
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हल्की कब्ज में राहत।
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गट हेल्थ सपोर्ट।
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इम्यूनिटी को मजबूत करने में सहयोग।
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एंटीऑक्सिडेंट प्रभाव से ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस कम करना।
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हल्के इंफ्लेमेशन को कम करना।
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स्किन हेल्थ में सुधार और ग्लो बढ़ाना।
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पिंपल्स और हल्की स्किन इरिटेशन में मदद।
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स्कैल्प हेल्थ बेहतर कर डैंड्रफ कम करने में सहयोग।
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कम कैलोरी होने से वजन मैनेजमेंट में सहायक।
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2018 में ‘जर्नल ऑफ ड्रग डिलीवरी एंड थेरेप्यूटिक्स’ में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया कि एलोवेरा के बायोएक्टिव कंपाउंड्स स्किन को मुलायम और हेल्दी बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।
एलोवेरा जूस पीने का सही तरीका
इसे हमेशा सीमित मात्रा में लें। सामान्य तौर पर 20–30 मिली जूस एक गिलास पानी में मिलाकर पीना सुरक्षित माना जाता है। सुबह खाली पेट या भोजन से आधे घंटे पहले लेना बेहतर हो सकता है, लेकिन शुरुआत कम मात्रा से करें। अगर पेट में दर्द, दस्त या जलन हो तो सेवन बंद कर दें।
क्या खाली पेट पीना ज्यादा फायदेमंद?
खाली पेट लेने से अवशोषण बेहतर हो सकता है, लेकिन हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं। जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं?
अधिक मात्रा में लेने से दस्त, पेट में ऐंठन, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और पोटेशियम की कमी हो सकती है। कुछ लोगों को एलर्जी या त्वचा संबंधी रिएक्शन भी हो सकते हैं। लंबे समय तक नियमित सेवन से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूरी है।
किन लोगों को नहीं पीना चाहिए?
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं, छोटे बच्चे, बुजुर्ग, लो ब्लड प्रेशर या लो ब्लड शुगर वाले लोग, किडनी या लिवर की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, आंतों की गंभीर समस्या वाले लोग और जिन्हें एलोवेरा से एलर्जी हो—उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
बाजार से खरीदते समय क्या ध्यान रखें?
FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें। इंग्रीडिएंट लिस्ट पढ़ें और सुनिश्चित करें कि उसमें अतिरिक्त शुगर या आर्टिफिशियल फ्लेवर न हो। मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जांचें। बोतल की सील सही हो और विश्वसनीय ब्रांड ही चुनें। बहुत सस्ता या अनजान प्रोडक्ट लेने से बचें।
निष्कर्ष
एलोवेरा जूस के कई संभावित फायदे हैं, लेकिन यह कोई जादुई औषधि नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के साथ ही इसका सही लाभ मिल सकता है। सीमित मात्रा और विशेषज्ञ सलाह के साथ सेवन करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।