19 फरवरी को कीमती धातुओं में लगातार दूसरे दिन मजबूती दर्ज की गई। India Bullion and Jewellers Association (IBJA) के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹3,151 बढ़कर करीब ₹1.55 लाख पर पहुंच गया। वहीं एक किलो चांदी ₹8,432 चढ़कर ₹2.45 लाख के आसपास कारोबार कर रही है। 2026 में अब तक सोना करीब ₹21,540 और चांदी ₹14,810 महंगी हो चुकी है। इसी साल 29 जनवरी को सोने ने ₹1.76 लाख और चांदी ने ₹3.86 लाख का ऑल-टाइम हाई भी छुआ था।
अलग-अलग शहरों में रेट अलग क्यों?
सोने के दाम शहर-दर-शहर बदलते हैं। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन और सुरक्षा लागत बढ़ती है, जिसका असर स्थानीय कीमतों पर दिखता है। दक्षिण भारत जैसे उच्च खपत वाले क्षेत्रों में ज्वेलर्स बड़ी मात्रा में खरीद करते हैं—बल्क डील का फायदा ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम दाम के रूप में मिल सकता है। इसके अलावा, राज्य/शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-आपूर्ति के आधार पर दरें तय करते हैं। ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक की खरीद कीमत भी अंतिम रिटेल रेट को प्रभावित करती है।
तेज़ी के पीछे क्या वजहें?
कमोडिटी एक्सचेंजों पर गोल्ड–सिल्वर फ्यूचर्स से अतिरिक्त मार्जिन हटने से ट्रेडिंग लागत घटी और खरीदारी बढ़ी। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव—मिडिल ईस्ट में अमेरिका–ईरान तनातनी और रूस–यूक्रेन वार्ता की अनिश्चितता—ने सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग को बढ़ावा दिया। अमेरिकी फेड की संभावित रेट कट की उम्मीद भी गोल्ड के लिए सपोर्टिव मानी जाती है, क्योंकि कम ब्याज दरें गैर-ब्याज वाली परिसंपत्तियों को आकर्षक बनाती हैं। हालिया गिरावट के बाद ‘डिप पर खरीदारी’ ने भी रफ्तार दी।
सोना खरीदते समय दो ज़रूरी बातें
पहली, हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड लें—हॉलमार्क का अल्फान्यूमेरिक कोड शुद्धता की पुष्टि करता है। दूसरी, खरीद के दिन 24K, 22K और 18K की दरें विश्वसनीय स्रोतों (जैसे IBJA) से क्रॉस-चेक करें और वजन/मेकिंग चार्ज स्पष्ट कराएं।
असली चांदी पहचानने के आसान तरीके
मैग्नेट टेस्ट में शुद्ध चांदी चुंबक से नहीं चिपकती। आइस टेस्ट में चांदी की ऊष्मा चालकता के कारण बर्फ तेजी से पिघलती है। असली चांदी में तेज गंध नहीं होती; नकली में तांबे जैसी महक आ सकती है। सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आना शुद्धता का संकेत हो सकता है।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकेत और घरेलू ट्रेडिंग कारक मिलकर कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बढ़ा रहे हैं। निवेश से पहले जोखिम और समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना समझदारी होगी।