Meta Pixel

बिलासपुर लूटकांड का बड़ा खुलासा: भाजपा पार्षद की सुपारी किलिंग की साजिश, नाकाम रहने पर सराफा कारोबारी को बनाया निशाना

Spread the love

छत्तीसगढ़ के Bilaspur में करोड़ों की ज्वेलरी लूटकांड की जांच ने सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन आरोपियों ने महालक्ष्मी ज्वेलर्स को लूटा, उन्हें पहले भाजपा पार्षद बंधु मौर्य की हत्या के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी गई थी। साजिश नाकाम होने के बाद गिरोह ने लूट की वारदात को अंजाम दिया।

मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि बीजेपी अनुसूचित जाति मोर्चा मंडल अध्यक्ष और नारियल कारोबारी राजू सोनकर ने स्थानीय हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास की मदद से उत्तर प्रदेश से शूटर बुलवाए थे। जमीन विवाद के चलते बंधु मौर्य को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई थी। सौदा 25 लाख रुपए में तय हुआ था, जिसमें 6 लाख रुपए एडवांस भी दिए गए थे।

18 दिसंबर की रात आरोपियों ने पार्षद की कार रोककर हमला करने की योजना बनाई। पिस्टल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वारदात के वक्त बंधु मौर्य ने कार नहीं रोकी और तेजी से निकल गए, जिससे उस रात हत्या की साजिश विफल हो गई।

हत्या की कोशिश नाकाम रहने के बाद गिरोह ने अन्य टारगेट तलाशने शुरू किए। पहले लखन देवांगन उर्फ ‘निट्टी समोसा’ को लूटने की कोशिश की गई, लेकिन उसमें भी सफलता नहीं मिली। इसके बाद आरोपियों ने सराफा कारोबारियों की रेकी की और फरवरी 2026 में महालक्ष्मी ज्वेलर्स को निशाना बनाया।

17 फरवरी 2026 की रात करीब 9:15 बजे ज्वेलर्स संचालक संतोष तिवारी दुकान बंद कर करीब 2 किलो सोना, तैयार जेवर और नकदी लेकर घर जा रहे थे। अंधा मोड़ के पास आरोपियों ने उनकी कार को ईको वाहन से टक्कर मारी। बाहर निकलते ही पिस्टल तानकर मारपीट की गई और 4 बैग लूट लिए गए। लूट में लगभग 2 किलो सोना, 200 ग्राम तैयार जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड और करीब 3.50 लाख रुपए नकद शामिल थे।

वारदात के बाद आरोपी उत्तर प्रदेश की ओर भाग निकले। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए मिर्जापुर के अहरौरा थाना क्षेत्र में घेराबंदी की और चार मुख्य आरोपियों—विनोद उर्फ बिन्नू प्रजापति, करीम खान, विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल—को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों के साथ शॉर्ट एनकाउंटर भी हुआ। बाद में स्थानीय लिंक के आधार पर नारद श्रीवास, राजू सोनकर और इरफान अली समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया पूरा माल, नकदी और हथियार बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी विनोद उर्फ बिन्नू प्रजापति की पहचान जेल में हिस्ट्रीशीटर नारद श्रीवास से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने मिलकर संगठित अपराध की योजना बनाई।

इस खुलासे के बाद बिलासपुर में राजनीतिक और आपराधिक गठजोड़ को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है और पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

पुलिस ने नारद श्रीवास समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *