छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बिल्हा शाखा से जुड़े करोड़ों रुपये के गबन मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बैंक रिकॉर्ड और खातों में कथित छेड़छाड़ कर 2 करोड़ 6 लाख 37 हजार रुपये गायब करने के आरोप में निलंबित महिला कैशियर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब आठ महीनों से फरार बताई जा रही थी।
मामला वर्ष 2025 में सामने आया, जब शाखा के खातों में जमा राशि और रिकॉर्ड में अंतर पाया गया। आंतरिक जांच के दौरान संदेह की सुई तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा और कुछ अन्य कर्मचारियों पर गई। जांच में कथित आर्थिक अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और रिजनल बिजनेस ऑफिस, जगदलपुर में अटैच किया गया। हालांकि निलंबन के बाद उन्होंने न तो नई पदस्थापना पर जॉइन किया और न ही शाखा में उपस्थित हुईं।
शाखा प्रबंधक पीयूष बारा ने मामले की शिकायत एसीबी में दर्ज कराई। 19 जनवरी 2026 को एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं 13(1)A, 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। एसीबी ने विभागीय जांच रिपोर्ट और अपने स्तर पर जुटाए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश तेज कर दी थी।
सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को सूचना मिली कि आरोपी कैशियर बैंक परिसर में आई हैं। इसके बाद एसीबी टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और उन्हें हिरासत में ले लिया। अब उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि गबन की पूरी श्रृंखला और संभावित सहयोगियों की भूमिका की जांच की जा सके।
यह मामला बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली की अहमियत को रेखांकित करता है। जांच एजेंसियां अब यह भी देख रही हैं कि रिकॉर्ड में हेराफेरी किस तरह की गई और क्या अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत भी रही। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और संभावित बरामदगी पर नजर रहेगी।