100 ग्राम में 50+ ग्राम प्रोटीन—सोया चंक्स के 11 फायदे, जानिए किसे परहेज करना चाहिए

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अगर आप शाकाहारी हैं और प्रोटीन की कमी पूरी करना चाहते हैं, तो सोया चंक्स आपके लिए मजबूत विकल्प हो सकते हैं। 100 ग्राम सोया चंक्स में लगभग 50–52 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है। इसके साथ ही इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं, जो शरीर की कई जरूरतों को पूरा करते हैं।

सोया चंक्स में क्या-क्या मिलता है?

अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) के अनुसार, 100 ग्राम सोया चंक्स में उच्च मात्रा में प्रोटीन, पर्याप्त डाइटरी फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं। यह खासकर वेजिटेरियन और वीगन लोगों के लिए प्रोटीन का सुलभ और किफायती स्रोत है।

सोया चंक्स कैसे बनते हैं?

सोयाबीन से तेल निकालने के बाद जो डी-फैटेड सोया फ्लोर बचता है, उसे पानी के साथ मिलाकर हाई-टेम्परेचर और हाई-प्रेशर एक्सट्रूडर मशीन में प्रोसेस किया जाता है। इसी प्रक्रिया से स्पंजी टेक्सचर वाले सोया नगेट्स या चंक्स तैयार होते हैं, जिन्हें सुखाकर पैक किया जाता है।


सोया चंक्स के 11 हेल्थ बेनिफिट्स

  1. मसल्स ग्रोथ और रिकवरी में मदद

  2. वजन कंट्रोल में सहायक (हाई फाइबर, लो फैट)

  3. LDL (बैड कोलेस्ट्रॉल) कम करने में मददगार

  4. हड्डियों और दांतों को मजबूती

  5. हीमोग्लोबिन सुधारने में सहायक (आयरन स्रोत)

  6. पाचन बेहतर करता है

  7. ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद

  8. मेनोपॉज के दौरान हॉट फ्लैशेज में राहत (आइसोफ्लेवोन्स)

  9. हार्ट हेल्थ सपोर्ट

  10. ब्रेन फंक्शन और मेमोरी के लिए फायदेमंद

  11. इम्यूनिटी को सपोर्ट

नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) के मुताबिक, सोया आधारित फूड्स कोलेस्ट्रॉल कम करने और कुछ महिलाओं में मेनोपॉज लक्षण घटाने में सहायक हो सकते हैं।


डाइट में कैसे शामिल करें?

सोया चंक्स को सब्जी, पुलाव, फ्राइड राइस, सूप या सलाद में इस्तेमाल किया जा सकता है। उबालकर हल्का भूनकर भी खाया जा सकता है।


कितना खाना सुरक्षित है?

सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन डॉ. अनु अग्रवाल के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 25–30 ग्राम सोया चंक्स पर्याप्त है। पकने के बाद यह लगभग आधी से एक कटोरी के बराबर होता है।


ज्यादा खाने के नुकसान?

अधिक मात्रा में सेवन करने से गैस, सूजन, अपच या दस्त की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को सोया से एलर्जी भी हो सकती है। थायरॉइड मरीजों में सोया के फाइटोएस्ट्रोजेन हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।


किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए?

  • थायरॉइड के मरीज

  • सोया एलर्जी वाले लोग

  • हार्मोन-सेंसिटिव कंडीशन से जूझ रहे लोग

  • किडनी की गंभीर समस्या वाले मरीज


खरीदते समय ध्यान रखें

पैकेट पर FSSAI नंबर, मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी डेट जरूर जांचें। पैकेट सील्ड हो और कोई अजीब गंध न हो। भरोसेमंद ब्रांड का चयन करें और इंग्रीडिएंट लिस्ट में अनावश्यक एडिटिव्स से बचें।


निष्कर्ष

सोया चंक्स पोषण से भरपूर और किफायती प्रोटीन स्रोत हैं, लेकिन हर चीज की तरह संतुलन जरूरी है। सही मात्रा और सही स्वास्थ्य स्थिति में इसका सेवन करने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।

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