ऑस्ट्रेलिया महिला टीम ने एक बार फिर 50 ओवर के क्रिकेट में अपनी बादशाहत साबित कर दी। होबार्ट में खेले गए दूसरे वनडे में उसने भारत को 5 विकेट से हराकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। मल्टी-फॉर्मेट सीरीज में अब ऑस्ट्रेलिया 6-4 से आगे है, जबकि टी20 सीरीज भारत के नाम रही थी। तीसरा वनडे भी होबार्ट में होगा और इसके बाद पर्थ में एकमात्र टेस्ट खेला जाना है।
भारत की पारी: अच्छी शुरुआत, बीच में झटका
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 251/9 का स्कोर खड़ा किया। पिच बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थी और ओपनर्स प्रातिका रावल व स्मृति मंधाना ने 78 रन की मजबूत साझेदारी की। रावल ने 81 गेंदों पर 52 रन बनाए, लेकिन एक खराब रन-आउट ने उनकी पारी खत्म कर दी। मंधाना भी सेट होने के बाद एश्ली गार्डनर की गेंद पर बोल्ड हो गईं।
नंबर-3 पर आई जेमिमा रोड्रिग्स सिर्फ 11 रन बना सकीं। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने घुटने की चोट से वापसी करते हुए 70 गेंदों पर 54 रन बनाए और पारी को संभालने की कोशिश की। हालांकि 17वें से 31वें ओवर के बीच 5 विकेट सिर्फ 52 रन पर गिर गए, जिससे भारत की रफ्तार टूट गई। निचले क्रम के छोटे योगदान से स्कोर 250 पार पहुंचा, लेकिन यह चुनौतीपूर्ण नहीं बन सका।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का अनुशासन
एनाबेल सदरलैंड ने 2/37 के आंकड़े दर्ज किए, जबकि अलाना किंग और एश्ली गार्डनर ने दो-दो विकेट झटके। सोफी मोलिन्यूक्स चोट के कारण बाहर रहीं, उनकी जगह निकोला केरी ने वापसी कर 1 विकेट लिया। ऑस्ट्रेलिया की लाइन-लेंथ लगातार सटीक रही।
लक्ष्य का पीछा: वोल-लिचफील्ड की साझेदारी ने पलटा मैच
ऑस्ट्रेलिया ने एलिसा हीली का विकेट जल्दी गंवाया, जिन्हें काशवी गौतम ने बेहतरीन यॉर्कर पर बोल्ड किया—यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट था। लेकिन इसके बाद जॉर्जिया वोल और फोएबे लिचफील्ड ने मैच का रुख बदल दिया।
दूसरे विकेट के लिए 119 रन की साझेदारी ने भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। लिचफील्ड ने आक्रामक अंदाज में 42 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 80 रन बनाकर आउट हुईं। उन्होंने कांति गौड़ पर लगातार तीन चौके जमाए और रिवर्स स्वीप से भी रन बटोरे।
पहले मैच में गोल्डन डक पर आउट हुई जॉर्जिया वोल इस बार पूरे आत्मविश्वास में दिखीं। 19 और 53 रन पर उन्हें जीवनदान मिला, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। वोल ने 80 गेंदों में शानदार शतक पूरा किया। 99 पर एक मौका और मिला जब ऋचा घोष से चूक हुई। शतक पूरा होते ही मुकाबला लगभग तय हो गया।
ऑस्ट्रेलिया ने 37वें ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और सीरीज अपने नाम कर ली। अब अंतिम वनडे औपचारिकता भर रह गया है। अगर ऑस्ट्रेलिया उसे भी जीत लेती है, तो मल्टी-फॉर्मेट सीरीज हारने का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाएगा।