अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है। अनिश्चित माहौल में निवेशकों ने सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसके चलते सोना और चांदी दोनों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।
वायदा बाजार (MCX) में सोने का भाव करीब ₹5,000 उछलकर ₹1.67 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं चांदी ₹8,500 की तेज बढ़त के साथ ₹2.91 लाख प्रति किलो तक पहुंच गई है। सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना तो ₹1.70 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब बिक रहा है।
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि भू-राजनीतिक हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो सोना ₹1.90 लाख और चांदी ₹3.50 लाख तक पहुंच सकती है। युद्ध जैसे माहौल में निवेशक इक्विटी से पैसा निकालकर गोल्ड जैसे ‘सेफ हेवन’ में लगाते हैं, जिससे इसकी मांग तेजी से बढ़ती है।
तेजी के पीछे तीन बड़े कारण
पहला कारण वैश्विक असुरक्षा है। मिडिल ईस्ट में तनाव और रूस-यूक्रेन वार्ता में प्रगति न होने से बाजार में डर बना हुआ है।
दूसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती के संकेत। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो सोने जैसे नॉन-इंटरेस्ट एसेट की मांग बढ़ जाती है।
तीसरा, हालिया गिरावट के बाद सस्ते स्तर पर हुई खरीदारी। बड़े निवेशकों और ज्वेलर्स ने मौके का फायदा उठाया, जिससे तेजी और तेज हो गई।
सालभर में कितनी बढ़ी कीमत?
साल की शुरुआत में सोना करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम था, जो अब ₹1.67 लाख पर पहुंच चुका है—यानी लगभग ₹34,000 की बढ़त। चांदी में भी जबरदस्त उछाल देखा गया है और इसमें ₹36,000 से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है।
खरीदारी से पहले रखें ध्यान
सोना खरीदते समय हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड लें। हॉलमार्क नंबर से उसकी शुद्धता की पुष्टि होती है।
खरीद से पहले अलग-अलग स्रोतों—जैसे बुलियन एसोसिएशन वेबसाइट—पर उस दिन का रेट जरूर जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के भाव अलग-अलग होते हैं।
चांदी खरीदते समय मैग्नेट टेस्ट, आइस टेस्ट और कपड़े से रगड़कर पहचान की जा सकती है। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती और उस पर बर्फ जल्दी पिघलती है।
फिलहाल संकेत साफ हैं—जब तक वैश्विक तनाव कम नहीं होता, तब तक बुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव और तेजी बनी रह सकती है।